मुंबई, 05 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने वाराणसी में कहा, श्मशान, मंदिर और पानी सब हिंदुओं के लिए एक होना चाहिए। इसी लक्ष्य के साथ संघ काम कर रहा है। हिंदू समाज के सभी पंथ, जाति, समुदाय साथ आएं। यही संघ की परिकल्पना है। संघ का मतलब सबकी मदद करना और युवा शक्ति को सही दिशा देना है। मोहन भागवत ने IIT BHU के छात्रों को हिंदुत्व का पाठ पढ़ाया। उनसे पूछा बताइये संघ क्या है? शनिवार सुबह वे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से 15 मिनट मंत्रोच्चार के बीच बाबा का दर्शन-पूजन और अभिषेक किया।
संघ प्रमुख IIT BHU के जिमखाना मैदान में 70 मिनट तक रहे। उन्होंने IIT के 100 से ज्यादा छात्रों का योग, खेल और वैदिक मंत्रों का उच्चारण देखा। छात्र उन्हें देख कर जय बजरंगी, भारत माता की जय और वंदे मातरम् का उद्घोष करते दिखे। भागवत ने छात्रों से पूछा, क्या आप संघ को समझते हैं, बताइए संघ क्या है? इस पर छात्रों ने कहा- संघ का मतलब हिंदुत्व को बढ़वा देना। सनातन की रक्षा करना। धर्म कोई भी हो, सबकी मदद करना और युवा शक्ति को सही दिशा दिखाना, यही संघ है। संघ संगठन का उद्देश्य हिंदू धर्म को मजबूत करने का है। हिंदुत्व की विचारधारा को फैलाना है। भारतीय संस्कृति और उसके सभ्यता के मूल्यों को बनाए रखने के आदर्श को बढ़ावा देना है। यह आपको भी ख्याल रखना चाहिए। हिंदू समुदाय को मजबूत करने के साथ ही हिंदुत्व की विचारधारा को फैलाना है। भारतीय संस्कृति और उसके सभ्यतागत मूल्यों को बनाए रखने के आदर्श को बढ़ावा देना है। हम अपनी भाषा, संस्कृति और संस्कार को बचाने के लिए खुद से पहल करें।