मुंबई, 03 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-चीन के राजनयिक संबंधों की 75वीं सालगिरह के जश्न को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा- चीन हमारे 4 हजार वर्ग किमी इलाके पर कब्जा करके बैठा है, लेकिन मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि हमारे विदेश सचिव (विक्रम मिस्री) चीनी राजदूत के साथ केक काट रहे थे। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान राहुल ने कहा- हम सामान्य स्थिति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उससे पहले हमें अपनी जमीन वापस मिलनी चाहिए। मुझे पता चला कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने चीनी राजदूत को चिट्ठी लिखी है और यह भी हमें दूसरों से पता चल रहा है। चीनी राजदूत भारत के लोगों को बता रहे हैं कि उन्हें चिट्ठी लिखी गई।
मोदी सरकार की विदेश नीति पर राहुल गांधी ने कहा, एक तरफ आपने चीन को हमारी जमीन दे दी और दूसरी तरफ अमेरिका ने हम पर टैरिफ (जैसे को तैसा टैक्स) लगा दिया। इससे देश की ऑटो, फार्मास्यूटिकल और एग्रीकल्चर इंडस्ट्री पूरी तरह से तबाह हो जाएगी। एक बार किसी ने इंदिरा जी से पूछा कि विदेश नीति के मामले में आप बाएं झुकती हैं या दाएं। इस पर उन्होंने जवाब दिया की मैं बाएं या दाएं नहीं झुकती। मैं भारतीय हूं और सीधी खड़ी हूं। भाजपा और RSS की फिलॉस्फी अलग है। जब उनसे पूछा जाता है तो वे कहते हैं नहीं, नहीं, हम हर विदेशी के सामने अपना सिर झुकाते हैं। यह उनके इतिहास में है, हम जानते हैं। सरकार को जवाब देना चाहिए कि वह अमेरिकी टैरिफ पर क्या कर रही है। बीते दिन अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ (जैसे को तैसा टैक्स) लगाने की घोषणा की है। अमेरिका ने कहा है कि भारत अमेरिकी सामानों पर बहुत ज्यादा इम्पोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) लगाता है।