गाजा पट्टी के उत्तरी शहर बेइत लाहिया में मंगलवार को एक अभूतपूर्व घटना घटी, जब सैकड़ों फिलिस्तीनी नागरिक हमास के शासन और इजरायल के साथ जारी युद्ध के खिलाफ सड़कों पर उतरे। यह विरोध प्रदर्शन इस मायने में महत्वपूर्ण है कि गाजा में हमास के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन बेहद दुर्लभ हैं, क्योंकि आमतौर पर ऐसे विरोधों को सख्ती से दबा दिया जाता है।
'लोग युद्ध नहीं चाहते, लोग हमास नहीं चाहते'
प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, "लोग युद्ध नहीं चाहते, लोग हमास नहीं चाहते," और "हमास बाहर जाओ," जो हमास के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बेइत लाहिया और जबालिया शरणार्थी शिविरों में लोगों को सड़कों पर मार्च करते हुए देखा गया, जो शांति की मांग कर रहे थे और हमास के शासन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे।
सोशल मीडिया की भूमिका
इन विरोध प्रदर्शनों के आयोजन में सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो और संदेशों ने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया। यह पहली बार नहीं है जब गाजा के निवासियों ने हमास के खिलाफ आवाज उठाई है; 2019 में भी आर्थिक परिस्थितियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें हमास ने बलपूर्वक दबा दिया था।
हमास का प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
मंगलवार के विरोध प्रदर्शनों के दौरान, हमास की सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने का प्रयास किया, लेकिन लोगों की संख्या और उनकी दृढ़ता के कारण वे पूरी तरह सफल नहीं हो सके। यह विरोध ऐसे समय में हो रहा है जब गाजा में मानवीय संकट गहरा रहा है, और निवासियों को बुनियादी आवश्यकताओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
इजरायल में भी विरोध प्रदर्शन
गाजा में हमास के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के समानांतर, इजरायल में भी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की युद्ध नीति के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यरूशलम और तेल अवीव में हजारों इजरायली नागरिक सड़कों पर उतरकर युद्धविराम और बंधकों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। बंधकों के परिवारों ने सरकार से युद्धविराम समझौते को स्वीकार करने की अपील की है, ताकि उनके प्रियजनों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके।
मानवीय संकट और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
लगभग 17 महीनों से जारी इस संघर्ष ने गाजा में मानवीय संकट को और गहरा दिया है। जनवरी में हुए संघर्षविराम के टूटने के बाद, गाजा में हालात और बिगड़ गए हैं। मिस्र द्वारा प्रस्तावित संघर्षविराम योजना पर अमेरिका और इजरायल के बीच असहमति बनी हुई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
निष्कर्ष
गाजा में हमास के खिलाफ हो रहे ये विरोध प्रदर्शन संकेत देते हैं कि वहां के लोग अब और युद्ध नहीं चाहते और शांति की तलाश में हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि गाजा के निवासियों की आवाज सुनी जाए और वहां के मानवीय संकट को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।