﻿<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss version="2.0"><channel><title>Firozabad Vocals</title><link>https://firozabadvocals.com/</link><description>News Helpline is a India based entertainment news agency which provides the latest showbiz stories, Photos, Videos and features to print, online and broadcast media.</description><copyright>Copyright 2017 newshelpline.com. All rights reserved.</copyright><item><title>भारतीय बैंकिंग का स्वर्णिम युग%3A सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने दर्ज किया 1.98 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ, &amp;#39;आपकी पूँजी, आपका अधिकार&amp;#39; पहल की सराहना</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251081_961568994930451.jpg</Image><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;देश के आर्थिक विकास को गति देने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी परिचालन दक्षता और वित्तीय मजबूती का एक नया इतिहास रचा है। नई दिल्ली में वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव एम. नागराजू की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी साझा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में बैंकों की रणनीतिक प्राथमिकताओं और वित्तीय प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अध्यक्ष सहित सभी सार्वजनिक बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में इन बैंकों का कुल कारोबार रिकॉर्ड 283.3 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि इनका संचयी शुद्ध लाभ अब तक के उच्चतम स्तर यानी लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इस अभूतपूर्व लाभ सृजन के साथ-साथ बैंकों की ऋण परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी ऐतिहासिक सुधार देखा गया है। सख्त जोखिम प्रबंधन नीतियों के कारण बैंकों का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) अनुपात घटकर न्यूनतम 1.93 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए (NNPA) महज 0.39 प्रतिशत पर सिमट गया है, जो बेहद सुदृढ़ बैलेंस शीट का परिचायक है। बैठक में प्रधानमंत्री जन धन योजना, मुद्रा लोन और पीएम विश्वकर्मा जैसी कल्याणकारी योजनाओं में शत-प्रतिशत डिजिटल लेंडिंग (ई-केवाईसी और कागजरहित दस्तावेजीकरण) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों के पास जमा बिना दावे वाली राशियों को उनके सही हकदारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से &amp;quot;आपकी पूँजी, आपका अधिकार&amp;quot; नामक एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया, जिसके तहत पिछले छह महीनों में 29 लाख से अधिक दावेदारों को 6,800 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक लौटाई जा चुकी है। इसी कड़ी में, आम जनता की सुगमता के लिए 23 क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार डीएफएस की एक नई दृष्टिबाधित-अनुकूल वेबसाइट भी लॉन्च की गई।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//bhartiya-banking-ka-swarnim-yug-sarvajanik-kshetra-ke-bankon-ne-darj-kiya-1-98-lakh-crore-rupaye-ka/62870</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>भारत-वियतनाम डिजिटल क्रांति%3A आरबीआई और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच ऐतिहासिक करार, क्यूआर कोड आधारित सीमापार भुगतान प्रणाली से व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई गति</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251080_756123564652041.jpg</Image><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;वैश्विक फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वियतनाम के केंद्रीय बैंक 'स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम' के साथ एक अत्याधुनिक द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ऐतिहासिक वित्तीय संधि का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान, सीमापार वित्तीय नवाचार और नियामकीय समन्वय को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की औपचारिक मंजूरी के बाद लागू हुए इस समझौते के तहत दोनों देशों की राष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे भारत और वियतनाम के बीच त्वरित (रियल-टाइम) 'क्यूआर' कोड आधारित सीमापार व्यापारी भुगतान (Cross-Border Merchant Payment) का विस्तार संभव हो सकेगा।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इस दूरदर्शी फिनटेक साझेदारी के अंतर्गत दोनों देशों के केंद्रीय बैंक उभरती हुई डिजिटल तकनीकों, बाजार के रुझानों, सुरक्षित नवाचार मानकों और वित्तीय सेवाओं की निगरानी से जुड़े सर्वोत्तम अभ्यासों को साझा करने के लिए एक व्यापक कानूनी और तकनीकी ढांचा तैयार करेंगे। इस एकीकृत प्रणाली के क्रियान्वयन से भारत और वियतनाम के बीच होने वाले मौद्रिक लेनदेन न केवल अधिक कुशल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेंगे, बल्कि इसमें लगने वाली अतिरिक्त लागत और समय में भी भारी कटौती होगी। कूटनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय व्यापार के नए द्वार खोलेगा और भारतीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए निर्यात के बड़े अवसर पैदा करेगा। इसके अतिरिक्त, इस सुलभ क्यूआर कोड भुगतान प्रणाली से दोनों देशों के बीच पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अब यात्री बिना किसी जटिल विदेशी मुद्रा विनिमय प्रक्रिया के सीधे अपने मोबाइल ऐप से भुगतान कर सकेंगे, जो भारत को एक वैश्विक फिनटेक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//bharat-vietnam-digital-kranti-rbi-aur-state-bank-of-vietnam-ke-beech-aitihasik-karaar-qr-code/62868</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>बैंकों या बीमा कंपनियों में पड़ा है आपका पुराना पैसा? सरकार ने लॉन्च किया नया पोर्टल, एक क्लिक में मिलेगी पूरी जानकारी</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251078_756978089635221.jpg</Image><description>&lt;p&gt;भारत में कई बार लोग बैंकों में पैसा जमा करके भूल जाते हैं, या फिर पुरानी बीमा पॉलिसी, शेयर और म्यूचुअल फंड का पैसा बिना दावे (Unclaimed) के सालों तक वित्तीय संस्थाओं के पास पड़ा रहता है। आम जनता की इसी बड़ी समस्या को हल करने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले&amp;nbsp;&lt;strong&gt;वित्तीय सेवा विभाग (DFS)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ने एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका नाम&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;कॉमन लैंडिंग पोर्टल फॉर अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स&amp;rsquo; (Common Landing Portal for Unclaimed Financial Assets)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;है। देश का कोई भी नागरिक इस आधिकारिक वेबसाइट (&lt;strong&gt;www.unclaimedassetsportal.in&lt;/strong&gt;) पर जाकर अपने या अपने पूर्वजों के लावारिस पड़े पैसे को आसानी से ट्रैक कर सकता है।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी हर जानकारी&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;पहले के समय में भूल चुके फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), पुराने बैंक खातों, या बीमा के पैसों का पता लगाने के लिए लोगों को अलग-अलग बैंकों और वित्तीय कंपनियों के चक्कर काटने पड़ते थे। इस नए पोर्टल ने पूरी प्रक्रिया को बेहद सुगम और पारदर्शी बना दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;यह एक&amp;nbsp;&lt;strong&gt;यूनिफाइड (एकीकृत) प्लेटफॉर्म&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;है, जहां निम्नलिखित वित्तीय क्षेत्रों की जानकारी एक साथ मिल जाएगी:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बैंकिंग:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पुराने बचत खाते और निष्क्रिय सावधि जमा (FD)।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;इंश्योरेंस:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;मैच्योर हो चुकी बीमा पॉलिसियां जिनका क्लेम नहीं लिया गया।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शेयर बाजार:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सालों से अटका हुआ डिविडेंड (लाभांश) और शेयर।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;म्यूचुअल फंड:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;बिना दावे के पड़े निवेश।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;सरकारी बैंकों का मजबूत सहयोग&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;इस डिजिटल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए इसे&amp;nbsp;&lt;strong&gt;पब्लिक सेक्टर बैंक अलायंस (PSBA)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के विशेष सहयोग से विकसित किया गया है। PSBA देश के&amp;nbsp;&lt;strong&gt;12 बड़े सरकारी बैंकों&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का एक केंद्रीय और साझा संगठन है। वित्तीय सेवा विभाग और इन बैंकों की इस संयुक्त पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को एक सुरक्षित, पारदर्शी और पूरी तरह से यूजर-फ्रेंडली (नागरिक-केंद्रित) सिस्टम प्रदान करना है।&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;खोई हुई रकम वापस पाना हुआ बेहद आसान&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;इस महत्वपूर्ण पोर्टल की शुरुआत के अवसर पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव&amp;nbsp;&lt;strong&gt;एम. नागराजू&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ने इसके दूरगामी लाभों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल का प्राथमिक लक्ष्य आम जनता की सहूलियत को बढ़ाना है।&lt;/p&gt;

&lt;blockquote&gt;
&lt;p&gt;जब अलग-अलग जगहों पर बिखरी हुई डेटा सर्च सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया जाता है, तो इससे न केवल लोगों का समय बचता है, बल्कि प्रशासनिक जटिलताएं भी खत्म हो जाती हैं।&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;

&lt;p&gt;यह पोर्टल उन सभी नागरिकों को उनके वैध वित्तीय अधिकारों से दोबारा जोड़ने का काम करेगा, जो किसी कारणवश अपनी मेहनत की कमाई को भूल बैठे थे। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे यह जांच सकता है कि वित्तीय सिस्टम में उसका कोई अनक्लेम्ड फंड मौजूद है या नहीं, और वह सीधे अपनी रकम के लिए दावा पेश कर सकता है।&lt;/p&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//bankon-ya-beema-companies-mein-pada-hai-aapka-purana-paisa-sarkar-ne-launch-kiya-naya-portal-ek/62866</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>भारत ऐसे बनेगा सेमीकंडक्टर का नया ‘ग्लोबल किंग’ दुनिया पर राज करने का मास्टरप्लान तैयार!</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250788_988360732860771.jpg</Image><description>&lt;p&gt;स्मार्टफोन से लेकर स्मार्ट कारों तक, आधुनिक दुनिया की हर तकनीक के पीछे एक बेहद छोटी &amp;lsquo;चिप&amp;rsquo; यानी सेमीकंडक्टर (Semiconductor) का हाथ होता है। नीति आयोग (NITI Aayog) की एक नई दूरदर्शी रिपोर्ट ने भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा और मजबूत खाका पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत साल 2035 तक दुनिया का नया &amp;lsquo;सेमीकंडक्टर किंग&amp;rsquo; बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;लक्ष्य सिर्फ चिप का बाजार बनना नहीं, बल्कि&amp;nbsp;&lt;strong&gt;150 अरब डॉलर की एक मजबूत वैल्यू चेन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;खड़ी करके वैश्विक स्तर पर इस पूरी इंडस्ट्री का नेतृत्व करना है। इस महा-योजना को जमीन पर उतारने के लिए अगले एक दशक में करीब&amp;nbsp;&lt;strong&gt;180 अरब डॉलर (लगभग 15 लाख करोड़ रुपये) के भारी निवेश&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की आवश्यकता होगी, जिसमें से एक-तिहाई हिस्सेदारी सरकार द्वारा उठाए जाने की सिफारिश की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;2035 का मास्टरप्लान: वैश्विक बाजार में बादशाहत&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;नीति आयोग ने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य&amp;rsquo;&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है, जो वैश्विक मंच पर भारत के रणनीतिक दबदबे को रेखांकित करती है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रणनीतिक लक्ष्य:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;भारत को किसी अन्य देश की नकल करने के बजाय अपनी खुद की ताकत पर एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना होगा, जिसके बिना दुनिया की ग्लोबल सप्लाई चेन अधूरी रहे।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;वैल्यू चेन का निर्माण:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;साल 2035 तक देश के भीतर 120 से 150 अरब डॉलर की विशाल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन खड़ी करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;विदेशी निर्भरता और आर्थिक सुरक्षा पर चोट&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;वर्तमान में भारत की सेमीकंडक्टर को लेकर स्थिति काफी चिंताजनक है, क्योंकि हमारी घरेलू जरूरत का&amp;nbsp;&lt;strong&gt;90 से 95 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;किया जाता है।&lt;/p&gt;

&lt;blockquote&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बढ़ती मांग का अनुमान:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2035 तक अकेले भारत में ही चिप की मांग बढ़कर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;200 अरब डॉलर के पार&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पहुंच जाएगी।&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;

&lt;p&gt;अगर भारत अपनी इस जरूरत के लिए विदेशों पर निर्भर रहा, तो देश की गाढ़ी कमाई (विदेशी मुद्रा) का एक बड़ा हिस्सा बाहर चला जाएगा। इसके अलावा, वैश्विक तनाव या सप्लाई चेन में किसी भी रुकावट के कारण भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण उद्योग ठप पड़ सकते हैं। यही वजह है कि घरेलू स्तर पर चिप निर्माण को बढ़ावा देना और आयात को कम करना देश की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा के लिए समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//bharat-aise-banega-semiconductor-ka-naya-global-king-duniya-par-raaj-karne-ka-masterplan-taiyar/62864</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>भारत ऐसे बनेगा सेमीकंडक्टर का नया ‘ग्लोबल किंग’ दुनिया पर राज करने का मास्टरप्लान तैयार!</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250788_988360732709291.jpg</Image><description>&lt;p&gt;स्मार्टफोन से लेकर स्मार्ट कारों तक, आधुनिक दुनिया की हर तकनीक के पीछे एक बेहद छोटी &amp;lsquo;चिप&amp;rsquo; यानी सेमीकंडक्टर (Semiconductor) का हाथ होता है। नीति आयोग (NITI Aayog) की एक नई दूरदर्शी रिपोर्ट ने भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा और मजबूत खाका पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत साल 2035 तक दुनिया का नया &amp;lsquo;सेमीकंडक्टर किंग&amp;rsquo; बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;लक्ष्य सिर्फ चिप का बाजार बनना नहीं, बल्कि&amp;nbsp;&lt;strong&gt;150 अरब डॉलर की एक मजबूत वैल्यू चेन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;खड़ी करके वैश्विक स्तर पर इस पूरी इंडस्ट्री का नेतृत्व करना है। इस महा-योजना को जमीन पर उतारने के लिए अगले एक दशक में करीब&amp;nbsp;&lt;strong&gt;180 अरब डॉलर (लगभग 15 लाख करोड़ रुपये) के भारी निवेश&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की आवश्यकता होगी, जिसमें से एक-तिहाई हिस्सेदारी सरकार द्वारा उठाए जाने की सिफारिश की गई है।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;2035 का मास्टरप्लान: वैश्विक बाजार में बादशाहत&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;नीति आयोग ने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य&amp;rsquo;&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है, जो वैश्विक मंच पर भारत के रणनीतिक दबदबे को रेखांकित करती है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रणनीतिक लक्ष्य:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;भारत को किसी अन्य देश की नकल करने के बजाय अपनी खुद की ताकत पर एक ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना होगा, जिसके बिना दुनिया की ग्लोबल सप्लाई चेन अधूरी रहे।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;वैल्यू चेन का निर्माण:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;साल 2035 तक देश के भीतर 120 से 150 अरब डॉलर की विशाल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन खड़ी करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;विदेशी निर्भरता और आर्थिक सुरक्षा पर चोट&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;वर्तमान में भारत की सेमीकंडक्टर को लेकर स्थिति काफी चिंताजनक है, क्योंकि हमारी घरेलू जरूरत का&amp;nbsp;&lt;strong&gt;90 से 95 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;किया जाता है।&lt;/p&gt;

&lt;blockquote&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बढ़ती मांग का अनुमान:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2035 तक अकेले भारत में ही चिप की मांग बढ़कर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;200 अरब डॉलर के पार&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पहुंच जाएगी।&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;

&lt;p&gt;अगर भारत अपनी इस जरूरत के लिए विदेशों पर निर्भर रहा, तो देश की गाढ़ी कमाई (विदेशी मुद्रा) का एक बड़ा हिस्सा बाहर चला जाएगा। इसके अलावा, वैश्विक तनाव या सप्लाई चेन में किसी भी रुकावट के कारण भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण उद्योग ठप पड़ सकते हैं। यही वजह है कि घरेलू स्तर पर चिप निर्माण को बढ़ावा देना और आयात को कम करना देश की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा के लिए समय की सबसे बड़ी मांग बन चुका है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//bharat-aise-banega-semiconductor-ka-naya-global-king-duniya-par-raaj-karne-ka-masterplan-taiyar/62863</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>सुजलॉन एनर्जी पर सेबी का बड़ा एक्शन, पुरानी क्लीन चिट पलटी, कंपनी समेत पूर्व अधिकारियों पर लगा 29 करोड़ का जुर्माना</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250785_255905725320081.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;बाजार नियामक&amp;nbsp;&lt;strong&gt;सेबी (SEBI)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) को एक बड़ा झटका दिया है। सेबी ने अपने ही एक पुराने फैसले को पलटते हुए सुजलॉन एनर्जी और उसके कई पूर्व शीर्ष अधिकारियों पर कुल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;28.95 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;लगाया है।&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;यह पूरा मामला कंपनी के खातों में भ्रामक जानकारी देने और अंदर ही अंदर पैसों की हेराफेरी (फंड रोटेशन) से जुड़ा है। गौरतलब है कि जून 2025 में कंपनी को इस मामले में क्लीन चिट मिल गई थी, लेकिन अब नियामक ने इसे शेयर बाजार और निवेशकों के हितों के खिलाफ बताते हुए पुराना आदेश रद्द कर दिया है।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;जुर्माने की चाबुक: किस पर कितनी पेनाल्टी?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;सेबी के पूर्णकालिक सदस्य संदीप प्रधान द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, जुर्माने की राशि का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:&lt;/p&gt;

&lt;table&gt;
	&lt;thead&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;नाम / पद&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;जुर्माने की राशि&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
	&lt;/thead&gt;
	&lt;tbody&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;(कंपनी)&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;₹15.95 करोड़&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;विनोद आर तांती&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;(पूर्व वाइस-चेयरमैन)&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;₹5.75 करोड़&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;गिरीश आर तांती&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;(पूर्व शीर्ष अधिकारी)&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;₹5.45 करोड़&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;कीर्ति जे वगाडिया&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;(पूर्व सीएफओ)&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;₹1.50 करोड़&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;अमित अग्रवाल&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;(पूर्व अधिकारी)&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;₹30 लाख&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
	&lt;/tbody&gt;
&lt;/table&gt;

&lt;p&gt;नियामक ने सभी दोषियों को यह जुर्माना राशि जमा करने के लिए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;45 दिनों का अल्टीमेटम&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;दिया है। इस मामले की शुरुआत दिसंबर 2019 में मिली एक गुमनाम शिकायत के बाद हुई थी, जिसके बाद सेबी ने वित्त वर्ष 2014-15 से 2020-21 तक के खातों की फॉरेंसिक ऑडिट जांच कराई थी।&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;कागजी बाजीगरी: कैसे दिखाया गया बंपर मुनाफा?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;सेबी की जांच में सामने आया कि कंपनी ने वित्तीय स्थिति को बेहतर दिखाने के लिए 'फंड रोटेशन' और कागजी हेरफेर का सहारा लिया था। इस विवाद का मुख्य कारण साल 2014 में हुआ एक सौदा है:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बिजनेस ट्रांसफर:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सुजलॉन ने अपना ऑपरेशंस-मेंटेनेंस बिजनेस (OMS) अपनी ही एक सहायक कंपनी 'सुजलॉन ग्लोबल सर्विसेज लिमिटेड' (SGSL) को&amp;nbsp;&lt;strong&gt;2,000 करोड़ रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;में बेच दिया।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;वैल्यूएशन में बड़ा अंतर:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;चौंकाने वाली बात यह है कि इस बिजनेस की वास्तविक नेट बुक वैल्यू केवल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;77 करोड़ रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;थी। इस ऊंचे मूल्यांकन के दम पर कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;1,923 करोड़ रुपये का भारी मुनाफा&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;दर्ज कर लिया।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पैसों को गोल-गोल घुमाना:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सेबी के अनुसार, इस सौदे के 1,300 करोड़ रुपये बाहर से नहीं आए थे। मार्च 2017 के दौरान महज 150 करोड़ रुपये को 6 बार और 100 करोड़ रुपये को 4 बार सुजलॉन और SGSL के बीच लोन व डिबेंचर के रूप में रोटेट करके कागजों पर भुगतान होना दिखाया गया था।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;p&gt;यह आदेश निवेशकों के लिए एक सबक है कि कंपनियों के केवल सतही मुनाफे को देखने के बजाय उनकी वित्तीय पारदर्शिता और ऑडिट रिपोर्ट्स पर भी पैनी नजर रखनी चाहिए।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//suzlon-energy-par-sebi-ka-bada-action-purani-clean-chit-palti-company-samet-poorv-adhikariyon-par/62862</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>भविष्य की तकनीक%3A नीति आयोग की रिपोर्ट में भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने का रोडमैप जारी, 2035 तक 150 अरब डॉलर के कारोबार का लक्ष्य</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250784_452479223144091.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;देश की रणनीतिक स्वायत्तता और औद्योगिक तरक्की को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से नीति आयोग ने भारत के सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र को लेकर एक बेहद दूरदर्शी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। 'फ्यूचर ऑफ इंडियाज सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री' शीर्षक वाली इस विशेष रिपोर्ट को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया। इस नीतिगत दस्तावेज में चेतावनी दी गई है कि यदि भारत ने आने वाले दशक में चिप निर्माण के क्षेत्र में त्वरित, निरंतर और अनुशासित कदम नहीं उठाए, तो देश की तकनीकी आयात निर्भरता खतरनाक स्तर तक बढ़ जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लिए यह महज एक व्यापारिक अवसर नहीं बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (ग्लोबल सप्लाई चेन) में एक अनिवार्य केंद्र के रूप में स्थापित होने का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक मौका है।&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब द्वारा तैयार किए गए इस 10-वर्षीय वृहद ब्लूप्रिंट में वर्ष 2035 तक देश के भीतर 120 से 150 अरब अमेरिकी डॉलर के विशाल सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का एक महत्वाकांक्षी और व्यावहारिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने भारत को वेफर फैब्रिकेशन की वैश्विक रेस में पीछे से भागने के बजाय अपना खुद का एक स्वतंत्र मार्ग तय करने की सलाह दी है। इसके तहत देश को निकट भविष्य में परिपक्व नोड्स (Mature Nodes), स्पेशलिटी एनालॉग, मिक्स्ड-सिग्नल चिप्स तथा सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) और गैलियम नाइट्राइड (GaN) जैसे अत्याधुनिक वाइड-बैंडगैप पदार्थों के वैश्विक उत्पादन और आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह रणनीतिक चिप्स भारत के ऑटोमोबाइल, दूरसंचार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होंगे। इसके साथ ही, भारत को अपनी सबसे बड़ी ताकत यानी चिप डिजाइनिंग प्रतिभा और कुशल कार्यबल का लाभ उठाते हुए एडवांस्ड पैकेजिंग और आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एवं टेस्टिंग (OSAT) के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखना चाहिए।&lt;/p&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//future-ki-technology-neeti-aayog-ki-report-mein-bharat-ko-vaishiksemi-conductor-ab-banane-ka-road/62861</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>Bank Holidays in June 2026%3A जून में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक! देखें RBI की हॉलिडे लिस्ट</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250782_730144251359721.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;कल से जून 2026 का महीना शुरू होने जा रहा है। अगर आपको अगले महीने बैंक शाखा (Branch) जाकर चेक बुक, पासबुक अपडेट या लोन से जुड़ा कोई भी जरूरी काम निपटाना है, तो बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, जून 2026 में देशभर के अलग-अलग राज्यों में कुल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;11 दिन बैंक बंद&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;रहेंगे।&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;इस लंबी लिस्ट में रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार के नियमित अवकाश तो शामिल हैं ही, साथ ही मुहर्रम और राजा संक्रांति जैसे कई क्षेत्रीय त्योहारों पर भी बैंक कर्मचारियों का अवकाश रहेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;इन वजहों से 11 दिन बंद रहेंगे बैंक&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;आरबीआई (RBI) की गाइडलाइंस के मुताबिक, बैंकों की छुट्टियों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। राष्ट्रीय अवकाश के अलावा कई छुट्टियां राज्य विशेष के स्थानीय त्योहारों पर निर्भर करती हैं। जून 2026 के कैलेंडर के अनुसार, पूरे देश में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;4 रविवार और 2 शनिवार&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;को बैंक बंद रहेंगे, जबकि शेष छुट्टियां क्षेत्रीय त्योहारों के आधार पर तय की गई हैं।&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;जून 2026: आरबीआई बैंक हॉलिडे लिस्ट&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;जून महीने की प्रमुख छुट्टियों का ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:&lt;/p&gt;

&lt;table&gt;
	&lt;thead&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;तारीख&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;दिन&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;छुट्टी का कारण&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;कहां बंद रहेंगे बैंक&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
	&lt;/thead&gt;
	&lt;tbody&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;7 जून 2026&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;रविवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;साप्ताहिक अवकाश&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;पूरे देश में&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;13 जून 2026&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;शनिवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;दूसरा शनिवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;पूरे देश में&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;14 जून 2026&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;रविवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;साप्ताहिक अवकाश&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;पूरे देश में&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;15 जून 2026&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;सोमवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;राजा संक्रांति / YMA डे&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;ओडिशा और मिजोरम&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;21 जून 2026&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;रविवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;साप्ताहिक अवकाश&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;पूरे देश में&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;25 जून 2026&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;गुरुवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;मुहर्रम&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;आंध्र प्रदेश&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;27 जून 2026&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;शनिवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;चौथा शनिवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;पूरे देश में&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;28 जून 2026&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;रविवार&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;साप्ताहिक अवकाश&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;पूरे देश में&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
	&lt;/tbody&gt;
&lt;/table&gt;

&lt;h3&gt;डिजिटल बैंकिंग से आसान होगा काम&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;भले ही जून महीने में 11 दिन बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा, लेकिन ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। छुट्टियों के दिनों में भी&amp;nbsp;&lt;strong&gt;ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप, नेट बैंकिंग और एटीएम (ATM)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। पैसे ट्रांसफर करने, डिजिटल भुगतान करने या बैलेंस चेक करने जैसे काम आप घर बैठे बिना किसी बाधा के निपटा सकते हैं। हालांकि, भौतिक दस्तावेजों (Physical Documents) से जुड़े कार्यों के लिए आपको ऊपर दी गई लिस्ट के अनुसार ही अपनी वित्तीय प्लानिंग करनी होगी।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//bank-holidays-in-june-2026-june-mein-itne-din-band-rahenge-bank/62860</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>मुंबई में महंगाई का एक और झटका, CNG के दामों में बढ़ोतरी; जानिए नया रेट</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250781_952485495113961.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;स्मार्टफोन के जरिए डिजिटल पेमेंट करना आज हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। आम नागरिकों की इसी चिंता को दूर करने और डिजिटल बैंकिंग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है।&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;आरबीआई जल्द ही डिजिटल लेनदेन को तुरंत रोकने के लिए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;किल स्विच&amp;rsquo; (Kill Switch)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;फीचर पेश करने की तैयारी में है। केंद्रीय बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट में साफ किया है कि इस नई व्यवस्था के तहत यदि किसी ग्राहक को अपने बैंक खाते में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी का अंदेशा होता है, तो वह एक क्लिक में अपने खाते से होने वाले सभी डेबिट (निकासी) ट्रांजैक्शन पर पूरी तरह रोक लगा सकेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;पलक झपकते ही लॉक होगा खाता&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;वर्तमान में साइबर ठगी का शिकार होने पर जब तक ग्राहक कस्टमर केयर या बैंक से संपर्क करता है, तब तक ठग खाते से पैसे साफ कर चुके होते हैं। इसी वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए आरबीआई सभी डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;स्विच ऑन/ऑफ&amp;rsquo;&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की सुविधा देने जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षा कवच:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;आपात स्थिति में 'किल स्विच' एक अचूक हथियार की तरह काम करेगा।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मौजूदा व्यवस्था:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;फिलहाल यह सुविधा केवल कुछ चुनिंदा क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स तक ही सीमित है, जहां ग्राहक ऐप के जरिए कार्ड को ब्लॉक या अनब्लॉक कर सकते हैं। अब इसे पूरे बैंक खाते और सभी डिजिटल माध्यमों पर लागू किया जाएगा।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;बड़े UPI ट्रांजैक्शन पर कड़ा पहरा&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;सुरक्षा के इस नए नियमों का दायरा केवल 'किल स्विच' तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्रीय बैंक यूपीआई (UPI) के जरिए होने वाले बड़े लेन-देन को लेकर भी नए सुरक्षा मानक तैयार कर रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;blockquote&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रस्तावित टाइम-लैग व्यवस्था:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;नए प्रस्ताव के मुताबिक, जब कोई यूजर पहली बार किसी नए व्यक्ति (P2P) को यूपीआई के जरिए कोई बड़ी रकम ट्रांसफर करेगा, तो उस ट्रांजैक्शन के पूरा होने में कुछ समय की देरी (Time-Lag) की जाएगी।&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;

&lt;p&gt;इस देरी का मुख्य फायदा यह होगा कि यदि कोई लेनदेन धोखे से या दबाव में कराया जा रहा है, तो पीड़ित व्यक्ति को उसे रोकने या ब्लॉक करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा। यह छोटी सी देरी बड़े फ्रॉड को रोकने में गेम-चेंजर साबित होगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;AI करेगा आपके पैसों की चौबीसों घंटे निगरानी&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;साइबर अपराधियों से दो कदम आगे रहने के लिए आरबीआई इस साल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म&amp;rsquo; (DPIP)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की शुरुआत करने जा रहा है। यह अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म पूरी तरह से&amp;nbsp;&lt;strong&gt;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और मशीन लर्निंग पर आधारित होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;यह सिस्टम देश में होने वाले हर एक डिजिटल ट्रांजैक्शन की रियल-टाइम (तुरंत) निगरानी करेगा। जैसे ही कोई असामान्य लेनदेन पैटर्न दिखेगा, एआई सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा, जिससे फ्रॉड होने से पहले ही पैसे सुरक्षित किए जा सकेंगे।&lt;/p&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//mumbai-mein-mehangayi-ka-ek-aur-jhatka/62859</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>Petrol Diesel Price Today%3A पेट्रोल-डीजल के क्या हैं आज के रेट? चेक कर लें अपने शहर का भाव</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250777_780074678097071.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार से उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। आज शनिवार,&amp;nbsp;&lt;strong&gt;30 मई 2026&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;को देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया है।&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल सस्ता होने के बाद आम जनता को उम्मीद थी कि खुदरा कीमतों में कुछ कटौती देखने को मिलेगी, लेकिन फिलहाल घरेलू बाजार में दाम जस के तस बने हुए हैं। तेल कीमतों में यह स्थिरता एक ऐसे दौर में आई है, जब पिछले महज 11 दिनों के भीतर ही देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;7.35 रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और डीजल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;7.82 रुपये प्रति लीटर&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;तक महंगा हो चुका है।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;11 दिनों में चार बार लगा महंगाई का झटका&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही देश में ईंधन की कीमतों में तेजी का दौर शुरू हो गया था। चुनाव के समय जो कीमतें पूरी तरह स्थिर बनी हुई थीं, उन्होंने चुनावी नतीजे आते ही उपभोक्ताओं के मासिक बजट को बिगाड़ दिया। पेट्रोलियम कंपनियों ने सिर्फ 11 दिनों के भीतर चार चरणों में कीमतें बढ़ाईं:&lt;/p&gt;

&lt;ol start="1"&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;15 मई 2026:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पहली बड़ी बढ़ोतरी करते हुए पेट्रोल में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;3 रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और डीजल में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;3.29 रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का इजाफा किया गया।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;19 मई 2026:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;दोनों ईंधनों के दाम में क्रमशः&amp;nbsp;&lt;strong&gt;87 पैसे&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और&amp;nbsp;&lt;strong&gt;91 पैसे&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की बढ़ोतरी हुई।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;23 मई 2026:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;चार दिन बाद एक बार फिर इसी अनुपात (87 पैसे और 91 पैसे) में दाम बढ़ाए गए।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;25 मई 2026:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;चौथे चरण में पेट्रोल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;2.61 रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और डीजल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;2.71 रुपये प्रति लीटर&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;महंगा कर दिया गया।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;तेल कंपनियों के घाटे में आई कमी&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;ईंधन की कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहा तनाव मुख्य कारण है। ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक&amp;nbsp;&lt;strong&gt;लगभग 50 प्रतिशत का भारी उछाल&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;आ गया था। इस महंगे क्रूड ऑयल के चलते सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जेट फ्यूल की बिक्री पर रोजाना करीब&amp;nbsp;&lt;strong&gt;1,380 करोड़ रुपये का घाटा&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;उठाना पड़ रहा था।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी पहले स्पष्ट किया था कि कंपनियों का दैनिक नुकसान 1,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया था। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के हालिया बयान के अनुसार, पिछले दिनों की गई चार चरणों की मूल्य वृद्धि के बाद अब कंपनियों का यह दैनिक घाटा कम होकर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;750 करोड़ रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;रह गया है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के बावजूद कंपनियां फिलहाल कीमतों को स्थिर रखकर अपने पुराने घाटे की भरपाई करने में जुटी हैं।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//petrol-diesel-price-today-petrol-diesel-kr-kya-hein-aaj-ke-rate/62858</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>8th Pay Commission%3A रेलवे ने कर दी सैलरी में 338% इजाफे की मांग, फिटमेंट फैक्टर पर भी कह दी ये बात</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250776_514128788228361.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;भारतीय रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के गठन के बीच वेतन वृद्धि को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और अलग प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। आमतौर पर सभी कर्मचारी संगठन पूरे देश के कर्मचारियों के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर की मांग करते हैं, लेकिन IRTSA ने इस बार एक नया फॉर्मूला सुझाया है।&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;रेलवे संगठन ने मांग की है कि अलग-अलग पे-मैट्रिक्स स्तर (Pay Levels) के कर्मचारियों के लिए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;2.92 से लेकर 4.38 तक के अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;लागू किए जाने चाहिए, ताकि जिम्मेदारी और पद के हिसाब से वेतन में सही संतुलन बनाया जा सके।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;IRTSA का 'मल्टीपल फिटमेंट फैक्टर' फॉर्मूला&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;IRTSA ने सरकार से सिफारिश की है कि पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए इस बार वेतन स्तर के आधार पर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;5 अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की नीति अपनाई जाए। संगठन द्वारा सुझाया गया खाका कुछ इस प्रकार है:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लेवल 1 से 5 (लोअर ग्रेड कर्मचारी):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;इन कर्मचारियों के लिए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;2.92&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का फिटमेंट फैक्टर सुझाया गया है। इसके लागू होने से न्यूनतम बेसिक सैलरी में सम्मानजनक बढ़ोतरी होगी।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लेवल 6 से 9 (सुपरवाइजरी और टेक्निकल स्टाफ):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;इस स्तर के कर्मचारियों के लिए संगठन ने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;3.25 से 3.50&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उच्च स्तर के अधिकारी (सीनियर लेवल्स):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;शीर्ष स्तर के पदों और भारी जिम्मेदारी वाले अधिकारियों के लिए यह मांग अधिकतम&amp;nbsp;&lt;strong&gt;4.38&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;तक तय करने की वकालत की गई है।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;आम राय से क्यों अलग है यह प्रस्ताव?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;केंद्रीय कर्मचारियों के ज्यादातर बड़े राष्ट्रीय संगठन और पेंशनर्स एसोसिएशन लंबे समय से सभी कर्मचारियों के लिए एक समान&amp;nbsp;&lt;strong&gt;3.68 का फिटमेंट फैक्टर&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि एक समान फिटमेंट फैक्टर से पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता रहती है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;हालांकि, IRTSA का तर्क है कि उच्च और तकनीकी पदों पर बैठे कर्मचारियों की जिम्मेदारियां ज्यादा जटिल होती हैं, इसलिए उनके वेतन निर्धारण में 'एक ही लाठी से सबको हांकने' (One Size Fits All) वाली नीति नहीं अपनाई जानी चाहिए। पदानुक्रम (Hierarchy) के हिसाब से वेतन का अंतर स्पष्ट होना जरूरी है।&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;क्या होगा इस प्रस्ताव का असर?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;यदि सरकार इस प्रस्ताव पर विचार करती है, तो:&lt;/p&gt;

&lt;ol start="1"&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;वेतन विसंगतियां होंगी दूर:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;तकनीकी और सुपरवाइजरी ग्रेड के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जिम्मेदारी के आधार पर लाभ:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;उच्च स्तर के कर्मचारियों को उनकी बड़ी जवाबदेही के बदले अधिक वित्तीय लाभ मिल सकेगा।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;

&lt;p&gt;हालांकि, अंतिम निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि आगामी 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद सरकार विभिन्न कर्मचारी संगठनों के इन विरोधाभासी प्रस्तावों के बीच कैसे तालमेल बिठाती है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//8th-pay-commission-railway-ne-kar-di-salary-mein-338-ijafe-ki-maang/62857</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>बैंक खाते से पैसे कटने का डर खत्म! RBI ला रहा ‘किल स्विच’, एक क्लिक में रुक जाएगा फ्रॉड</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250774_580072424222171.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;स्मार्टफोन के जरिए डिजिटल पेमेंट करना आज हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसके साथ ही ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। आम नागरिकों की इसी चिंता को दूर करने और डिजिटल बैंकिंग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है।&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;आरबीआई जल्द ही डिजिटल लेनदेन को तुरंत रोकने के लिए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;किल स्विच&amp;rsquo; (Kill Switch)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;फीचर पेश करने की तैयारी में है। केंद्रीय बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट में साफ किया है कि इस नई व्यवस्था के तहत यदि किसी ग्राहक को अपने बैंक खाते में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी का अंदेशा होता है, तो वह एक क्लिक में अपने खाते से होने वाले सभी डेबिट (निकासी) ट्रांजैक्शन पर पूरी तरह रोक लगा सकेगा।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;पलक झपकते ही लॉक होगा खाता&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;वर्तमान में साइबर ठगी का शिकार होने पर जब तक ग्राहक कस्टमर केयर या बैंक से संपर्क करता है, तब तक ठग खाते से पैसे साफ कर चुके होते हैं। इसी वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए आरबीआई सभी डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स पर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;स्विच ऑन/ऑफ&amp;rsquo;&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की सुविधा देने जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षा कवच:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;आपात स्थिति में 'किल स्विच' एक अचूक हथियार की तरह काम करेगा।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मौजूदा व्यवस्था:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;फिलहाल यह सुविधा केवल कुछ चुनिंदा क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स तक ही सीमित है, जहां ग्राहक ऐप के जरिए कार्ड को ब्लॉक या अनब्लॉक कर सकते हैं। अब इसे पूरे बैंक खाते और सभी डिजिटल माध्यमों पर लागू किया जाएगा।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;बड़े UPI ट्रांजैक्शन पर कड़ा पहरा&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;सुरक्षा के इस नए नियमों का दायरा केवल 'किल स्विच' तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्रीय बैंक यूपीआई (UPI) के जरिए होने वाले बड़े लेन-देन को लेकर भी नए सुरक्षा मानक तैयार कर रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;blockquote&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रस्तावित टाइम-लैग व्यवस्था:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;नए प्रस्ताव के मुताबिक, जब कोई यूजर पहली बार किसी नए व्यक्ति (P2P) को यूपीआई के जरिए कोई बड़ी रकम ट्रांसफर करेगा, तो उस ट्रांजैक्शन के पूरा होने में कुछ समय की देरी (Time-Lag) की जाएगी।&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;

&lt;p&gt;इस देरी का मुख्य फायदा यह होगा कि यदि कोई लेनदेन धोखे से या दबाव में कराया जा रहा है, तो पीड़ित व्यक्ति को उसे रोकने या ब्लॉक करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा। यह छोटी सी देरी बड़े फ्रॉड को रोकने में गेम-चेंजर साबित होगी।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;AI करेगा आपके पैसों की चौबीसों घंटे निगरानी&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;साइबर अपराधियों से दो कदम आगे रहने के लिए आरबीआई इस साल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;&amp;lsquo;डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म&amp;rsquo; (DPIP)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की शुरुआत करने जा रहा है। यह अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म पूरी तरह से&amp;nbsp;&lt;strong&gt;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और मशीन लर्निंग पर आधारित होगा।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;यह सिस्टम देश में होने वाले हर एक डिजिटल ट्रांजैक्शन की रियल-टाइम (तुरंत) निगरानी करेगा। जैसे ही कोई असामान्य लेनदेन पैटर्न दिखेगा, एआई सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा, जिससे फ्रॉड होने से पहले ही पैसे सुरक्षित किए जा सकेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//bank-khate-se-paiso-katne-ka-dar-khatam/62856</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी%3A महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और आईईडी बरामद, फैक्ट्री नष्ट</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251219_47732974-11146881.jpg</Image><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गढ़चिरोली:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती अबूझमाड़ से सटे घने और दुर्गम जंगलों में चलाए जा रहे एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों की एक गुप्त हथियार निर्माण इकाई (फैक्ट्री) और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के जखीरे को बरामद करने में सफलता हासिल किया है। अधिकारियों द्वारा शुक्रवार को साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत 27 मई को की गई। सुरक्षा बलों को यह गुप्त सूचना हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले कुछ शीर्ष नक्सलियों से पूछताछ के दौरान मिली थी, जिसके बाद दोनों राज्यों के सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त रणनीतिक अभियान की रूपरेखा तैयार की।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इस अति-संवेदनशील संयुक्त अभियान को गढ़चिरोली पुलिस की विशिष्ट नक्सल विरोधी इकाई सी-60 (C-60) कमांडो ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बम निरोधक दस्ते (BDDS) के साथ मिलकर अंजाम दिया। सुरक्षा बलों ने नारायणपुर के काकुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र से लगभग सात किलोमीटर दूर घने जंगलों के भीतर छिपे एक बड़े नक्सली ठिकाने पर धावा बोला। वहाँ से जवानों ने एक इंसास (INSAS) राइफल, दो सिंगल-शॉट बंदूकें, दो 12-बोर की बंदूकें और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा, मौके से 25 किलोग्राम वजनी खतरनाक आईईडी (IED), दो क्लेमोर माइंस, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल (BGL) सेल और सात लॉन्चर बरामद किए गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि नक्सलियों द्वारा हथियार बनाने और मरम्मत के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भारी मशीनरी, जिसमें दो लेथ मशीनें, मोटर्स, ग्राइंडर और सौर ऊर्जा पैनल शामिल थे, को सुरक्षा बलों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने बताया कि नक्सलियों ने यह जखीरा सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाने के लिए जमा किया था, जिसे समय रहते विफल कर माओवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया गया है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//naxal-virodhi-abhiyan-mein-suraksha-balon-ko-mili-badi-kaamyabi/62851</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>अब प्लास्टिक के होंगे भारतीय नोट! RBI पॉलिमर करेंसी शुरू करने पर कर रहा विचार</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251253_416323099385651.jpg</Image><description>&lt;p&gt;रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (&lt;strong&gt;RBI&lt;/strong&gt;) देश में प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. हाल ही में पटना और मुंबई में हुई केंद्रीय बैंक के बोर्ड की बैठकों में इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई है. पिछले कुछ वर्षों में नकदी की भारी मांग, कागज के नोटों की छपाई की बढ़ती लागत और उनके जल्दी खराब होने की समस्या को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है. जल्द ही आम जनता के लिए प्लास्टिक के नोटों का एक&amp;nbsp;&lt;strong&gt;पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Project)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;नोटों की छपाई का भारी-भरकम खर्च कम करने की कवायद&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;भारतीय रिजर्व बैंक की हालिया वार्षिक रिपोर्ट (FY25) के आंकड़े बताते हैं कि कागज के नोट छापने में केंद्रीय बैंक को&amp;nbsp;&lt;strong&gt;6,372.8 करोड़ रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;खर्च करने पड़े. यह पिछले वित्तीय वर्ष के 5,101.4 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है. छपाई का यह खर्च मुख्य रूप से बाजार में नोटों की बढ़ती मांग के कारण बढ़ा है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि कागज की तुलना में प्लास्टिक के नोट छापना लंबी अवधि (Long Term) में बहुत ज्यादा किफायती साबित होता है. सबसे अच्छी बात यह है कि देश के एटीएम (ATM) भी अब तकनीकी रूप से इतने एडवांस हो चुके हैं कि वे आसानी से इन पॉलिमर नोटों को पहचान कर बिना किसी तकनीकी खराबी के बाहर निकाल सकते हैं.&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;कटे-फटे और मैले नोटों के झंझट से मिलेगी मुक्ति&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;अक्सर आम जनता की जेब में आने वाले कागज के नोट मैले, फटे या पानी से खराब हुए होते हैं. इन खराब नोटों (Soiled Notes) को बाजार से वापस लेना और उन्हें सुरक्षित रूप से नष्ट करना आरबीआई के लिए एक बहुत बड़ा और खर्चीला टास्क है.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;खराब नोटों का आंकड़ा:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;वित्त वर्ष 2025 में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;23.8 अरब खराब नोटों&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;को चलन से बाहर किया गया.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सालाना बढ़ोतरी:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;यह आंकड़ा पिछले साल के 21.24 अरब नोटों से 12.3 फीसदी ज्यादा है.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सबसे ज्यादा खराब नोट:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;चलन से बाहर किए गए नोटों में सबसे ज्यादा संख्या&amp;nbsp;&lt;strong&gt;500 रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के नोटों की थी, जिसके बाद 100 रुपये के नोटों का नंबर आता है.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;h3&gt;डिजिटल युग में भी नकदी का क्रेज बरकरार&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;देश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ने के बावजूद नकदी का क्रेज कम नहीं हुआ है. आंकड़ों के अनुसार, 15 मई तक चलन में मौजूद कुल मुद्रा (&lt;strong&gt;Currency in Circulation - CiC&lt;/strong&gt;) सालाना आधार पर 11.5 फीसदी बढ़कर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;42.86 लाख करोड़ रुपये&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. ऐसे में प्लास्टिक के नोटों की उम्र कागज के नोटों के मुकाबले 4 से 5 गुना ज्यादा होने के कारण, यह सरकार और आरबीआई दोनों के लिए घाटे का सौदा नहीं बल्कि एक बेहतरीन और टिकाऊ विकल्प साबित होगा.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//reserve-bank-of-india/62848</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>एशियाई कुश्ती में भारत का ऐतिहासिक डंका%3A पीएम मोदी ने अंडर-23 टीम को दी बधाई, फ्रीस्टाइल और महिला पहलवानों ने जीते खिताब</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251229_328535752225451.jpg</Image><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;वियतनाम के दा नांग शहर में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। भारत की पुरुष फ्रीस्टाइल और महिला कुश्ती टीमों ने इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता में शानदार खेल दिखाते हुए समग्र टीम खिताब (Team Championship Titles) अपने नाम किए हैं। भारतीय जांबाजों की इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी कुश्ती टीम, कोचों और सहायक कर्मचारियों को बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपने आधिकारिक बधाई संदेश में भारतीय पहलवानों के शानदार जज्बे की सराहना की और उन्हें भविष्य के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इस बार की चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों का दबदबा हर वर्ग में देखने को मिला। पुरुष फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम ने मैट पर अपना लोहा मनवाते हुए कुल 9 पदक अपनी झोली में डाले, जिनमें 4 शानदार स्वर्ण पदक (Gold Medals) शामिल रहे। इसके साथ ही पुरुषों ने अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बड़ा पदक आंकड़ा दर्ज करने का कीर्तिमान भी बनाया। दूसरी ओर, महिला पहलवानों ने और भी अधिक आक्रामक प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक देश के नाम किए, जिसमें रिकॉर्ड 6 स्वर्ण पदक शामिल थे। केवल फ्रीस्टाइल ही नहीं, बल्कि ग्रीको-रोमन (Greco-Roman) टीम ने भी इस बार पासा पलटते हुए 8 पदकों के साथ इस श्रेणी में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज कराया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि दा नांग में मिला यह ऐतिहासिक गौरव भारतीय कुश्ती के स्वर्णिम भविष्य की नींव है, जो आगामी ओलंपिक और वैश्विक मंचों पर भारत की दावेदारी को और अधिक मजबूत करेगा।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//asia-kushti-mein-bharatt-ka-etihaasik-dunka/62846</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item></channel></rss>