﻿<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss version="2.0"><channel><title>Firozabad Vocals</title><link>https://firozabadvocals.com/</link><description>News Helpline is a India based entertainment news agency which provides the latest showbiz stories, Photos, Videos and features to print, online and broadcast media.</description><copyright>Copyright 2017 newshelpline.com. All rights reserved.</copyright><item><title>Rishabh Pant Resign%3A ऋषभ पंत ने खुद छोड़ी LSG की कप्तानी या टीम ने हटाया? IPL 2026 खत्म होने से पहले बड़ा ऐलान</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251340_273105474958101.jpg</Image><description>&lt;p&gt;आईपीएल 2026 (IPL 2026) का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन फाइनल मुकाबले से ठीक पहले क्रिकेट गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इस सीजन में बेहद निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली फ्रैंचाइजी लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान&amp;nbsp;&lt;strong&gt;ऋषभ पंत&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लखनऊ सुपर जायंट्स ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस खबर की पुष्टि की है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;ऋषभ पंत की कप्तानी में इस साल लखनऊ का प्रदर्शन बेहद साधारण रहा और टीम पॉइंट्स टेबल में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;10वें यानी सबसे आखिरी स्थान पर&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;रही। कप्तानी के साथ-साथ खुद पंत का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी इस सीजन में कुछ खास नहीं रहा, जिसके चलते वह लगातार आलोचकों और दबाव के घेरे में थे। सीजन के बीच से ही उन्हें हटाए जाने की सुगबुगाहट तेज थी, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग चुकी है।&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;पंत के कप्तानी छोड़ने पर LSG का आधिकारिक बयान&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;शुक्रवार&amp;nbsp;&lt;strong&gt;29 मई 2026&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;को जब क्रिकेट फैंस का पूरा ध्यान गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाले दूसरे क्वालीफायर मैच पर था, ठीक उसी समय लखनऊ फ्रैंचाइजी ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा धमाका किया।&lt;/p&gt;

&lt;blockquote&gt;
&lt;p&gt;लखनऊ सुपर जायंट्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट&amp;nbsp;&lt;strong&gt;टॉम मूडी&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ने आधिकारिक पोस्ट में कहा, &amp;ldquo;लखनऊ सुपर जायंट्स औपचारिक तौर पर यह एलान करना चाहती है कि ऋषभ पंत ने कप्तानी की जिम्मेदारी छोड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिसे फ्रैंचाइजी ने तुरंत प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।&amp;rdquo;&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;खराब प्रदर्शन और दबाव बना इस्तीफे की वजह&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने एक लंबी योजना और भारी-भरकम रकम के साथ अपनी टीम की कमान सौंपी थी, लेकिन आईपीएल 2026 का यह सफर दोनों के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;टीम का फ्लॉप शो:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;लखनऊ की टीम पूरे सीजन में जीत की लय हासिल करने के लिए तरसती रही और लीग स्टेज के खत्म होने तक केवल 10वें पायदान पर ही सिमट कर रह गई।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बल्लेबाजी में नाकामी:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;कप्तान होने के नाते पंत टीम को मोर्चे से लीड करने में नाकाम रहे। दबाव के चलते उनकी आक्रामक बल्लेबाजी गायब दिखी, जिसका सीधा असर टीम के कॉम्बिनेशन और नतीजों पर पड़ा।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;क्या पंत ने खुद लिया फैसला या मैनेजमेंट का था दबाव?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;टॉम मूडी के बयान से भले ही यह साफ हो रहा है कि पंत ने खुद पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन खेल जगत के जानकारों का मानना है कि इसके पीछे टीम मालिकों और मैनेजमेंट का भारी दबाव भी हो सकता है। आईपीएल जैसी बड़ी लीग में फ्रैंचाइजी के खराब प्रदर्शन के बाद अक्सर कप्तानों पर गाज गिरती है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आईपीएल के अगले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की कमान कौन संभालेगा और क्या ऋषभ पंत एक खिलाड़ी के तौर पर इस टीम के साथ बने रहेंगे या मेगा ऑक्शन के जरिए किसी नई फ्रैंचाइजी का रुख करेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//rishabh-pant-resign/62869</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>आईपीएल 2026%3A शुभमन गिल के तूफानी शतक से गुजरात टाइटंस फाइनल में, रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से रौंदा</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251320_792070019906681.jpg</Image><description>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;न्यू चंडीगढ़:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में रनों की भारी बारिश के बीच गुजरात टाइटंस (GT) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। कप्तान शुभमन गिल की 104 रनों की आतिशी शतकीय पारी और साई सुदर्शन के अर्धशतक की बदौलत गुजरात ने राजस्थान रॉयल्स (RR) द्वारा दिए गए 215 रनों के विशाल लक्ष्य को महज 18.4 ओवरों में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। 19वें ओवर में राहुल तेवतिया के गगनचुंबी छक्के के साथ ही राजस्थान रॉयल्स का आईपीएल सफर समाप्त हो गया। अब खिताब के लिए गुजरात टाइटंस की भिड़ंत अहमदाबाद के मैदान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगी।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत बेहद खराब रही, जब मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने शुरुआती झटके दिए। इसके बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मोर्चा संभाला और महज 47 गेंदों में 8 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 96 रनों की विस्फोटक पारी खेली। अंत में डोनोवन फरेरा (11 गेंदों में नाबाद 38 रन) और रवींद्र जडेजा (नाबाद 45 रन) की बदौलत राजस्थान ने 20 ओवरों में 6 विकेट पर 214 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। जवाब में उतरे गुजरात के सलामी बल्लेबाजों गिल और सुदर्शन (58 रन) ने पहले विकेट के लिए 167 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर जीत की नींव रखी। कप्तान गिल ने मात्र 47 गेंदों में अपना शतक पूरा कर गुजरात टाइटंस के इतिहास का सबसे तेज शतक जड़ने का कीर्तिमान भी अपने नाम किया।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//ipl-2026-shubhman-gill/62865</link><pubDate>5/30/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>Vaibhav Sooryavanshi ने किस गेंदबाज को सबसे ज्यादा पीटा? ये है पूरी लिस्ट</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250788_988360731389021.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से ऐसा गदर मचाया है कि हर कोई हैरान है. टूर्नामेंट के एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ महज 29 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेलकर सूर्यवंशी ने अपनी टीम को क्वालिफायर 2 में पहुंचा दिया है. इस सीजन में वह&amp;nbsp;&lt;strong&gt;65 छक्के&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;उड़ा चुके हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर काबिज हैं. जो भी गेंदबाज उनके सामने आया, सूर्यवंशी ने उसकी लाइन और लेंथ दोनों बिगाड़ कर रख दी.&lt;/h2&gt;

&lt;h3&gt;दिग्गज गेंदबाजों की तसल्ली से की धुनाई&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में दुनिया के सबसे घातक और अनुभवी गेंदबाजों के खिलाफ बेरहमी से रन बटोरे हैं. आइए नजर डालते हैं उनके दिलचस्प आंकड़ों पर:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पैट कमिंस:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सूर्यवंशी ने कमिंस को सबसे ज्यादा निशाना बनाया. कमिंस की 16 गेंदों का सामना करते हुए उन्होंने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;61 रन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;कूट डाले.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भुवनेश्वर कुमार:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;स्विंग के उस्ताद भुवी की 19 गेंदों पर सूर्यवंशी ने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;38 रन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;बटोरे.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अर्शदीप सिंह:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पंजाब के इस यॉर्कर किंग की 13 गेंदों पर उन्होंने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;36 रन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ठोक दिए.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मोहम्मद सिराज:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सिराज की 10 गेंदों पर सूर्यवंशी ने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;18 रन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;बनाए.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जसप्रीत बुमराह:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;डेथ ओवर्स के सबसे खतरनाक गेंदबाज बुमराह को भी उन्होंने नहीं बख्शा और उनकी 5 गेंदों पर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;13 रन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;बना लिए.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;आंद्रे रसेल का 7 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;वैभव सूर्यवंशी को अगर टी20 क्रिकेट का नया 'क्रिस गेल' या 'सिक्स मशीन' कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. उन्होंने आईपीएल के इस मौजूदा सीजन में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जो दुनिया की किसी भी टी20 लीग के इतिहास में आज तक नहीं देखा गया.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;सूर्यवंशी ने इस सीजन में बनाए अपने कुल 680 रनों में से&amp;nbsp;&lt;strong&gt;610 रन सिर्फ छक्के और चौकों की मदद से&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;बनाए हैं. इसका मतलब यह हुआ कि उन्होंने अपने कुल स्कोर का&amp;nbsp;&lt;strong&gt;89.7 फीसदी रन केवल बाउंड्री&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के जरिए बटोरा है, जो कि एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल के नाम था, जिन्होंने साल 2019 में 510 रनों में से 436 रन (85.49 फीसदी) बाउंड्री से बनाए थे.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;प्लेऑफ इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मैच में अपनी 97 रनों की आतिशी पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने एक और बड़ा इतिहास रचा. उन्होंने महज&amp;nbsp;&lt;strong&gt;16 गेंदों में अपना अर्धशतक (Fifty)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पूरा कर लिया, जो कि आईपीएल प्लेऑफ के इतिहास का अब तक का सबसे तेज अर्धशतक है. उनकी इस बेखौफ बल्लेबाजी को देखकर खेल जगत के दिग्गज उन्हें इस समय दुनिया का सबसे बेहतरीन और इम्पैक्टफुल टी20 बल्लेबाज मान रहे हैं. अब हर किसी की नजरें 29 मई को होने वाले क्वालिफायर 2 मुकाबले पर टिकी हैं, जहां सूर्यवंशी गुजरात टाइटंस के खिलाफ राजस्थान को फाइनल का टिकट दिलाने उतरेंगे.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//vaibhav-sooryavanshi-ne-kis-gendbaaz-ko-sabse-jyada-peeta/62842</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>International Everest Day%3A इकलौता क्रिकेटर जिसने माउंट एवरेस्ट को किया फतेह, मर जाता अगर…</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250785_255905726956901.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;हर साल 29 मई को पूरी दुनिया में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;'एवरेस्ट डे' (Everest Day)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के तौर पर मनाया जाता है. दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) की ऊंचाई को नापने और उसे फतह करने का सपना हर पर्वतारोही का होता है. अब तक कई जांबाज इस चोटी पर तिरंगा और दुनिया के अलग-अलग देशों के झंडे फहरा चुके हैं. लेकिन, खेल जगत की बात करें तो क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कारनामा करने वाले सिर्फ एक ही खिलाड़ी हैं. माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले दुनिया के इकलौते क्रिकेटर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;एडम परोरे (Adam Parore)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;हैं.&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;न्यूजीलैंड के इस पूर्व दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज ने साल 2002 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. इसके ठीक 9 साल बाद, यानी साल 2011 में उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर एक ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे आज तक दुनिया का कोई दूसरा क्रिकेटर नहीं दोहरा पाया है.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;जान की बाजी लगाकर नापी 8,848 मीटर की ऊंचाई&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;समुद्र तल से माउंट एवरेस्ट की कुल ऊंचाई&amp;nbsp;&lt;strong&gt;8,848 मीटर&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;है. इस दुर्गम और बर्फीली चोटी को फतह करने के प्रयास में जहां कई लोगों को सफलता मिली है, वहीं कई पर्वतारोहियों को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ा है. एडम परोरे ने भी साल 2011 में अपनी जान की बाजी लगाकर इस बेहद खतरनाक मिशन को पूरा किया था और क्रिकेट जगत के साथ-साथ पर्वतारोहण की दुनिया में भी अपना नाम अमर कर लिया.&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;चढ़ाई करने से 2 महीने पहले ही नेपाल क्यों पहुंचे थे परोरे?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;न्यूजीलैंड के इस पूर्व क्रिकेटर ने इतनी कठिन चढ़ाई में कैसे सफलता हासिल की, इसका दिलचस्प खुलासा उन्होंने इस ऐतिहासिक कारनामे को अंजाम देने के बाद मीडिया से बातचीत में किया था:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तैयारी और ट्रेनिंग:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;एडम परोरे ने बताया कि हालांकि उन्होंने अपनी अंतिम चढ़ाई मई 2011 में पूरी की थी, लेकिन इसकी पुख्ता तैयारी के लिए वह&amp;nbsp;&lt;strong&gt;27 मार्च 2011 को ही नेपाल&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पहुंच गए थे.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मौसम के अनुकूल खुद को ढालना (Acclimatization):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;नेपाल पहुंचने के बाद उन्होंने प्रसिद्ध 'हिमालय एक्सपीरियंस' कंपनी के साथ कड़ा अभ्यास और ट्रेनिंग शुरू की. मुख्य चढ़ाई शुरू करने से पहले लगभग दो महीने तक उन्होंने बेस कैंप और उसके आसपास रहकर अपने शरीर को वहां के जानलेवा मौसम, हाड़ कंपाने वाली ठंड और कम ऑक्सीजन के स्तर में ढालने (Acclimatize) का काम किया.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;p&gt;उनकी इसी कड़ी मेहनत और अनुशासन का नतीजा था कि वे बिना किसी बड़ी दुर्घटना के दुनिया की सबसे ऊंची चोटी के शीर्ष पर पहुंचने में कामयाब रहे. क्रिकेट के मैदान पर विकेट के पीछे अपनी मुस्तैदी के लिए जाने जाने वाले परोरे ने साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो, तो इंसान किसी भी ऊंचे मुकाम को हासिल कर सकता है.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//international-everest-day-eklota-cricketor-jisne-mount-everest-ko-kiya-fhateh/62841</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>Hardik Pandya%3A हार्दिक पंड्या क्यों मुंबई इंडियंस की कप्तानी से हटाए जाएंगे? ये हैं 5 वजह</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250784_452479221083171.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;क्रिकेट गलियारों से आ रही बड़ी खबर के मुताबिक, मुंबई इंडियंस (&lt;strong&gt;Mumbai Indians&lt;/strong&gt;) के कप्तान हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर बड़ी गाज गिर सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स और 'इंडियन एक्सप्रेस' के एक हालिया सनसनीखेज दावे के अनुसार, हार्दिक पंड्या से मुंबई इंडियंस की कप्तानी छीनी जा सकती है. रिपोर्ट में फ्रेंचाइजी से जुड़े 3 अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि टीम मैनेजमेंट हार्दिक को कप्तानी से मुक्त करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, और अगले कप्तान को लेकर फ्रेंचाइजी के अंदर विचार-विमर्श भी शुरू हो चुका है.&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;अब बड़ा सवाल यह है कि पांच बार की चैंपियन टीम में ऐसा क्या हुआ कि रोहित शर्मा के बाद कप्तानी संभालने वाले पंड्या को इतनी जल्दी हटाने की नौबत आ गई? क्या इसकी वजह सिर्फ आईपीएल 2026 (&lt;strong&gt;IPL 2026&lt;/strong&gt;) में टीम का पॉइंट्स टेबल में 9वें स्थान पर रहना है, या फिर कहानी कुछ और है? आइए नजर डालते हैं उन 5 बड़ी वजहों पर जो पंड्या की कप्तानी पर भारी पड़ रही हैं:&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;1. मुंबई इंडियंस का बेहद खराब प्रदर्शन&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;आईपीएल 2026 के आगाज से पहले जिस टीम को खिताब का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था, उसका सफर बेहद शर्मनाक रहा. 10 टीमों के इस टूर्नामेंट में मुंबई इंडियंस&amp;nbsp;&lt;strong&gt;9वें स्थान&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पर रही. टीम ने ग्रुप स्टेज के 14 मैचों में से&amp;nbsp;&lt;strong&gt;10 मैचों में हार&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का सामना किया.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;2. कप्तानी के दौरान खराब विनिंग रिकॉर्ड&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;मुंबई इंडियंस ने जो 10 मैच गंवाए, उनमें से 8 मैचों में हार्दिक पंड्या खुद टीम की कप्तानी कर रहे थे. बीच टूर्नामेंट में इंजरी (चोट) के चलते हार्दिक 4 मैचों से बाहर भी रहे थे, लेकिन जब-जब वे मैदान पर रणनीतियां बनाते दिखे, टीम को सफलता नहीं मिली और उनके फैसले पूरी तरह बेअसर साबित हुए.&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;3. खुद हार्दिक का लचर व्यक्तिगत प्रदर्शन&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;एक कप्तान के तौर पर जब आपकी टीम हार रही हो, तो आपका निजी प्रदर्शन टीम को संभालता है. लेकिन इस सीजन में हार्दिक पंड्या न तो बल्ले से कोई कमाल दिखा सके और न ही गेंदबाजी में अपनी छाप छोड़ पाए. अहम मौकों पर खराब शॉट सिलेक्शन और दिशाहीन गेंदबाजी के चलते उन पर दबाव बढ़ता चला गया, जिसका असर टीम के मनोबल पर भी पड़ा.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;4. ड्रेसिंग रूम का माहौल और खिलाड़ियों के साथ तालमेल&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;रिपोर्ट्स की मानें तो कप्तानी में बदलाव की सबसे बड़ी वजहों में से एक टीम के भीतर सीनियर खिलाड़ियों के साथ हार्दिक के व्यवहार और तालमेल की कमी रही है. रोहित शर्मा को हटाकर जब उन्हें कप्तानी सौंपी गई थी, तभी से टीम में दो फाड़ होने की खबरें थीं. इस सीजन के दौरान कई मौकों पर मैदान और ड्रेसिंग रूम के भीतर खिलाड़ियों के बीच वो एकजुटता नजर नहीं आई, जो मुंबई इंडियंस की पहचान रही है.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;5. फैंस का भारी विरोध और फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू पर असर&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;जब से हार्दिक ने कप्तानी संभाली, उन्हें न सिर्फ सोशल मीडिया पर बल्कि वानखेड़े स्टेडियम समेत देश के लगभग हर मैदान पर फैंस की हूटिंग (बूइंग) का सामना करना पड़ा. फैंस के इस लगातार गुस्से और नकारात्मक माहौल का सीधा असर फ्रेंचाइजी की ब्रांड वैल्यू पर भी देखने को मिला, जिससे टीम का मैनेजमेंट काफी चिंतित है और अब आगामी सीजन के लिए एक नई और निर्विवाद लीडरशिप की तलाश में है.&lt;/p&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//hardik-pandya-hardik-pandya-kyon-mumbai-indians-ki-kaptani-se-hataye-jayenge/62840</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>IPL 2026 Qualifier 2, RR vs GT%3A 29 मई का बदला लेंगे वैभव सूर्यवंशी, 4 साल से जारी राजस्थान रॉयल्स के दर्द का करेंगे खात्मा!</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250782_730144257846471.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;आईपीएल 2026 (&lt;strong&gt;IPL 2026&lt;/strong&gt;) का दूसरा क्वालिफायर मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर आ चुका है, जहां राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात टाइटंस (GT) की टीमें आमने-सामने होंगी. न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम पर खेले जाने वाले इस मैच का आगाज शाम साढ़े 7 बजे से होगा. इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में एंट्री करेगी और खिताब के लिए भिड़ेगी.&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;लेकिन इस मुकाबले को जो बात सबसे ज्यादा खास और दिलचस्प बनाती है, वह है इसकी तारीख. ठीक 4 साल पहले,&amp;nbsp;&lt;strong&gt;29 मई 2022&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;को आईपीएल के फाइनल में गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को शिकस्त देकर ट्रॉफी पर कब्जा किया था. अब एक बार फिर, 29 मई 2026 को दोनों टीमें नॉकआउट मैच में आमने-सामने हैं. भले ही यह फाइनल मैच न हो, लेकिन राजस्थान के पास गुजरात को फाइनल की रेस से बाहर कर अपने 4 साल पुराने दर्द का हिसाब बराबर करने का सुनहरा मौका है.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;प्लेऑफ में तीसरी भिड़ंत और बदला लेने का मौका&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;आईपीएल के प्लेऑफ इतिहास में राजस्थान और गुजरात के बीच यह तीसरी टक्कर होगी. इससे पहले साल 2022 के प्लेऑफ में दोनों की दो बार भिड़ंत हुई थी, और दोनों ही बार (क्वालिफायर 1 और फाइनल) हार्दिक पंड्या की कप्तानी वाली गुजरात ने संजू सैमसन की राजस्थान को मात दी थी. इस बार क्वालिफायर 2 जीतकर राजस्थान न सिर्फ फाइनल का टिकट पक्का करना चाहेगी, बल्कि अतीत के उस जख्म पर मरहम भी लगाना चाहेगी.&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;क्या फिर गरजेगा 'सिक्सर किंग' वैभव सूर्यवंशी का बल्ला?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;राजस्थान रॉयल्स की उम्मीदें एक बार फिर अपने स्टार ओपनर और युवा सनसनी&amp;nbsp;&lt;strong&gt;वैभव सूर्यवंशी&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पर टिकी होंगी. एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ महज 29 गेंदों में 97 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले सूर्यवंशी इस समय प्रचंड फॉर्म में हैं.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;वे इस सीजन में अब तक सबसे ज्यादा रन बनाने और सबसे ज्यादा छक्के (65 छक्के) लगाने वाले बल्लेबाज हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि क्वालिफायर 2 भी उसी न्यू चंडीगढ़ के मैदान पर खेला जाना है, जहां वैभव ने एलिमिनेटर में कोहराम मचाया था. अगर 29 मई को सूर्यवंशी का बल्ला दोबारा गरजा, तो गुजरात के गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना नामुमकिन हो जाएगा.&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;हेड-टू-हेड रिकॉर्ड: किसका पलड़ा भारी?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;आईपीएल के इतिहास में दोनों टीमों के बीच आंकड़ों की बाजी काफी दिलचस्प रही है:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ओवरऑल रिकॉर्ड:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;अब तक दोनों टीमों के बीच कुल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;10 मुकाबले&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;खेले गए हैं, जिसमें गुजरात टाइटंस का पलड़ा&amp;nbsp;&lt;strong&gt;7-3&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;से भारी है.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हालिया फॉर्म (2025-2026):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पिछले दो सीजन की बात करें तो दोनों टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का रहा है. पिछले 4 मैचों में दोनों ने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;2-2&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की जीत दर्ज की है.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;h3&gt;न्यू चंडीगढ़ में राजस्थान का अजेय रिकॉर्ड&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;मैदान के रिकॉर्ड की बात करें तो न्यू चंडीगढ़ का यह स्टेडियम राजस्थान रॉयल्स के लिए बेहद लकी साबित हुआ है. राजस्थान ने इस मैदान पर अब तक खेले अपने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;सभी 4 मुकाबले जीते हैं&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और यहां उनका सक्सेस रेट 100% है. दूसरी तरफ, गुजरात टाइटंस को इस मैदान पर संघर्ष करना पड़ा है. ऐसे में घरेलू जैसी परिस्थितियों और अजेय रिकॉर्ड के दम पर राजस्थान रॉयल्स का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा.&lt;/p&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//ipl-2026-qualifier-2-rr-vs-gt-29/62839</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>ENG W vs IND W, 1st T20I%3A जेमिमा रॉड्रिग्स- यास्तिका भाटिया ने 7 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, भारत ने इंग्लैंड को हराया</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250781_952485494671661.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज का आगाज बेहद शानदार अंदाज में किया है. चेल्म्सफोर्ड में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को&amp;nbsp;&lt;strong&gt;38 रन से करारी शिकस्त&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;दी. कप्तान स्मृति मंधाना की अगुवाई में खेल रही भारतीय टीम ने इस जीत के साथ ही 3 मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. इंग्लैंड की धरती पर मिली भारत की इस धमाकेदार जीत में जेमिमा रॉड्रिग्स और यास्तिका भाटिया का योगदान सबसे बड़ा रहा, जिन्होंने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी से&amp;nbsp;&lt;strong&gt;7 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ध्वस्त कर दिया. वहीं, गेंदबाजी में अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर रही नंदिनी शर्मा ने इंग्लिश बल्लेबाजों के बीच खलबली मचा दी.&lt;/h2&gt;

&lt;h3&gt;शुरुआती झटकों के बाद पावरप्ले में खड़ा किया बड़ा स्कोर&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही. इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने पहले ही ओवर में भारत के दोनों स्टार ओपनर्स&amp;mdash; कप्तान स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा&amp;mdash; को पवेलियन भेज दिया. मंधाना जहां खाता भी नहीं खोल सकीं, वहीं शेफाली केवल 2 रन बनाकर आउट हो गईं.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;सिर्फ 2 रन पर 2 विकेट गिर जाने के बाद भारतीय टीम गहरे संकट में दिख रही थी, लेकिन इसके बाद मैदान पर उतरीं&amp;nbsp;&lt;strong&gt;यास्तिका भाटिया&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और&amp;nbsp;&lt;strong&gt;जेमिमा रॉड्रिग्स&lt;/strong&gt;. दोनों ने मिलकर न सिर्फ टीम को संभाला, बल्कि पावरप्ले के बाकी ओवरों में काउंटर-अटैक करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी. इन दोनों की आतिशी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने शुरुआती झटकों के बावजूद पावरप्ले में एक मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया, जिसने मैच का रुख बदल दिया.&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;जेमिमा और यास्तिका ने रचा इतिहास&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;जेमिमा रॉड्रिग्स और यास्तिका भाटिया के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई शतकीय साझेदारी ने इंग्लैंड को मैच से पूरी तरह बाहर कर दिया. इस पार्टनरशिप के दौरान दोनों ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की ओर से&amp;nbsp;&lt;strong&gt;तीसरे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का 7 साल पुराना रिकॉर्ड&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;तोड़ दिया. दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में रन बटोरे और टीम का स्कोर 170 के पार पहुंचाने में मदद की.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;डेब्यू मैच में नंदिनी शर्मा का कमाल&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;भारत की ओर से मिले चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम कभी भी रन चेज में सहज नजर नहीं आई. भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन पर गेंदबाजी की, लेकिन महफिल लूटी अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रही युवा तेज गेंदबाज&amp;nbsp;&lt;strong&gt;नंदिनी शर्मा&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ने.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;नंदिनी ने अपने डेब्यू मैच में ही कमाल की परिपक्वता दिखाई और मिडिल ओवर्स में आकर इंग्लैंड के सेट बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई. उन्होंने अपने कोटे के ओवरों में बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिससे इंग्लैंड की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई और भारत ने 38 रनों से एक बड़ी जीत अपने नाम कर ली.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//eng-w-vs-ind-w-1st-t20i-jemimah-rodrigues/62838</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>Smriti Mandhana%3A स्मृति मंधाना पहली ही गेंद पर आउट, अपनी ही दोस्त ने किया ऐसा हाल</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250777_780074675948131.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत जीत के साथ जरूर की है, लेकिन टीम की स्टार बल्लेबाज और इस मैच में कप्तानी संभाल रही&amp;nbsp;&lt;strong&gt;स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के लिए यह मुकाबला किसी बुरे सपने जैसा रहा. चेल्म्सफोर्ड में खेले गए पहले टी20 मैच में मंधाना मैच की पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं, जिसे क्रिकेट की भाषा में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;'गोल्डन डक' (Golden Duck)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;कहा जाता है.&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर को इस मैच में आराम दिया गया था, जिसके चलते कप्तानी का जिम्मा मंधाना के कंधों पर था. लेकिन इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल ने मैच की पहली ही गेंद पर मंधाना को कैच आउट कराकर भारतीय खेमे को बहुत बड़ा झटका दिया. स्मृति मंधाना के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में यह&amp;nbsp;&lt;strong&gt;8 साल बाद&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;हुआ है जब वह गोल्डन डक पर आउट हुई हैं. इससे पहले साल 2018 में उन्हें टी20 क्रिकेट में इस तरह शून्य पर आउट होना पड़ा था.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;डब्ल्यूपीएल (WPL) की दोस्त ही बनीं मंधाना का काल&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;दिलचस्प बात यह है कि स्मृति मंधाना को पहली ही गेंद पर आउट करने वाली इंग्लैंड की तेज गेंदबाज&amp;nbsp;&lt;strong&gt;लॉरेन बेल (Lauren Bell)&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;और मंधाना आपस में काफी अच्छी दोस्त हैं. ये दोनों खिलाड़ी विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (RCB) की महिला टीम के लिए एक साथ खेलती हैं. लॉरेन बेल ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर आरसीबी की टीम को डब्ल्यूपीएल चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन जब बात अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आमने-सामने की आई, तो इस इंग्लिश गेंदबाज ने अपनी ही डब्ल्यूपीएल कप्तान को पहली ही गेंद पर चलता कर दिया.&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;लॉरेन बेल के खिलाफ शानदार था पुराना रिकॉर्ड&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;इस मुकाबले से पहले स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड लॉरेन बेल के खिलाफ बेहद दमदार था, जिसकी वजह से इस विकेट की उम्मीद किसी को नहीं थी:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पिछला प्रदर्शन:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;मंधाना ने टी20 क्रिकेट में लॉरेन बेल के खिलाफ खेली&amp;nbsp;&lt;strong&gt;12 पारियों में कुल 110 रन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;बनाए थे.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्ट्राइक रेट:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;बेल के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए मंधाना का स्ट्राइक रेट भी&amp;nbsp;&lt;strong&gt;140 के करीब&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;रहा था.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पहली बार हुई आउट:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;इससे पहले लॉरेन बेल कभी भी मंधाना का विकेट नहीं ले पाई थीं. यह पहला मौका है जब बेल ने मंधाना को टी20 में आउट किया और वह भी पहली ही गेंद पर.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;p&gt;भले ही मंधाना के रूप में भारत को मैच की पहली ही गेंद पर बड़ा झटका लगा और उसके तुरंत बाद शेफाली वर्मा भी चलती बनीं, लेकिन इसके बाद जेमिमा रॉड्रिग्स और यास्तिका भाटिया की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को संभाल लिया. शुरुआती झटकों से उबरते हुए भारत ने न सिर्फ एक मजबूत स्कोर बनाया, बल्कि इंग्लैंड को 38 रनों से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत भी की.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//smriti-mandhana-smriti-mandhana-pehli-hi-ball-par-out/62837</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>कौन हैं समर कादरी जिन्होंने सबसे पहले वैभव सूर्यवंशी को खोजा? लगातार 3 छक्के ठोककर राजस्थान में मिला मौका</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250776_514128789198441.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;भारतीय क्रिकेट में पिछले 25 सालों में खेल का पूरा परिदृश्य बदल चुका है. इन वर्षों में क्रिकेट बड़े मेट्रो शहरों की चकाचौंध से बाहर निकलकर देश के छोटे-छोटे कस्बों और गांवों तक जा पहुंचा है. आज भारतीय टीम और घरेलू क्रिकेट में खेल रहे कई बड़े खिलाड़ी इन्हीं ग्रामीण और मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से आते हैं. खास तौर पर इंडियन प्रीमियर लीग (&lt;strong&gt;IPL&lt;/strong&gt;) की शुरुआत के बाद तो इस मोर्चे पर एक बड़ी क्रांति ही आ गई है. आईपीएल फ्रेंचाइजियों के मजबूत स्काउटिंग सिस्टम ने भारतीय क्रिकेट को कई ऐसे नायाब हीरे दिए हैं, जो शायद सही मंच न मिलने के कारण कहीं छुपे रह जाते.&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;कुछ ऐसा ही शानदार काम राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीम ने किया, जिसने भारतीय क्रिकेट को&amp;nbsp;&lt;strong&gt;वैभव सूर्यवंशी&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;जैसा तूफानी और रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाज दिया है. लेकिन वैभव को गुमनामी से निकालकर इस मुकाम तक पहुंचाने के पीछे एक और बड़ा नाम है&amp;mdash;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;समर कादरी&lt;/strong&gt;. यह वही पूर्व क्रिकेटर और राजस्थान के स्काउट हैं, जिन्होंने सबसे पहले वैभव की असाधारण प्रतिभा को पहचाना और उनका रुख राजस्थान रॉयल्स की ओर मोड़ा.&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;कौन हैं वैभव को स्काउट करने वाले समर कादरी?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;आईपीएल 2025 के अपने पहले ही मैच की पहली गेंद पर गगनचुंबी छक्का जड़कर वैभव सूर्यवंशी ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया था. वैभव ने महज&amp;nbsp;&lt;strong&gt;14 साल की उम्र&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;में यह अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की थी. इसके बाद अगले एक साल और फिर मौजूदा आईपीएल 2026 सीजन में तो वैभव ने देश-विदेश के अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ कर रख दी है.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;वैभव की इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का जुनून, कोच मनीष ओझा की ट्रेनिंग और राजस्थान रॉयल्स के कोचिंग स्टाफ की मेहनत की चर्चा तो हर तरफ होती है, लेकिन समर कादरी के योगदान को भी कम करके नहीं आंका जा सकता:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कौन हैं समर कादरी:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पटना के रहने वाले 36 वर्षीय समर कादरी बिहार और झारखंड क्रिकेट टीम के पूर्व शानदार लेग स्पिनर रह चुके हैं.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्रिकेट करियर:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;समर ने साल 2009 में झारखंड की ओर से अपना घरेलू डेब्यू किया था और बाद में वे बिहार की टीम से खेलने लगे. 2009 से 2021 के अपने करियर में उन्होंने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;45 फर्स्ट-क्लास मैचों में 157 विकेट&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;चटकाए. इसके अलावा उन्होंने 18 लिस्ट-ए मैचों में 19 विकेट और 17 टी20 मैचों में 14 विकेट हासिल किए.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;राजस्थान रॉयल्स में भूमिका:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;संन्यास लेने के बाद पिछले 3-4 सालों से समर कादरी राजस्थान रॉयल्स के साथ एक 'टैलेंट स्काउट' (Talent Scout) के तौर पर जुड़े हुए हैं. उनका मुख्य काम देश के कोने-कोने और छोटे शहरों से छिपी हुई प्रतिभाओं को ढूंढकर फ्रेंचाइजी के सामने लाना है.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;वैभव सूर्यवंशी तक कैसे पहुंचे समर कादरी?&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;समर कादरी ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि आखिर कैसे उनकी नजर वैभव सूर्यवंशी पर पड़ी और वे उन्हें राजस्थान के कैंप तक लेकर आए. समर के मुताबिक, जब वैभव केवल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;11-12 साल के बच्चे&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;थे, तभी से स्थानीय क्रिकेट सर्किट में उनके नाम की चर्चा होने लगी थी.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;एक दिन पटना में ही एक स्थानीय मैच के दौरान समर कादरी और वैभव का आमना-सामना हुआ. उस मैच में वैभव ने जो किया, उसने समर को हैरान कर दिया. महज 11-12 साल के उस छोटे से लड़के ने मैदान पर सीनियर गेंदबाजों के खिलाफ&amp;nbsp;&lt;strong&gt;करीब 50 गेंदों में ही ताबड़तोड़ शतक&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ठोक दिया था. वैभव के बल्ले की इस गूंज और निडर शॉट सिलेक्शन को देखकर समर कादरी समझ गए थे कि यह लड़का कोई आम खिलाड़ी नहीं है. इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी राजस्थान रॉयल्स के थिंक-टैंक को दी और अंततः वैभव को राजस्थान के ट्रायल्स में शामिल होने का मौका मिला, जहां से उनकी किस्मत पूरी तरह बदल गई.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//kon-hain-samar-kadri-jinhone-sabs-pehle-vaibhav-suryavanshi-ko-khoja/62836</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>IPL 2026%3A वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ कौन सी गलती करते हैं गेंदबाज? जिस पर होता है बुरा हश्र</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_250774_580072429344431.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से पूरे क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया है. इस सीजन में इस युवा सनसनी ने तेज गेंदबाजों (Fast Bowlers) की हर लेंथ को बेरहमी से सजा देने का काम किया है. सूर्यवंशी पेस अटैक के खिलाफ जिस निडरता से बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसके चलते बड़े-बड़े इंटरनेशनल गेंदबाज भी उनके सामने बेबस नजर आ रहे हैं. हालांकि, आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि कुछ लेंथ पर जहां सूर्यवंशी तबाही मचाते हैं, वहीं कुछ ऐसी भी गेंदें हैं जो उनके खिलाफ कारगर हथियार साबित हो सकती हैं.&lt;/h2&gt;

&lt;h3&gt;गेंदबाजों की ये गलतियां वैभव के लिए बनती हैं 'वरदान'&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;तेज गेंदबाजों के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी का बल्ला कुछ खास लेंथ पर सबसे ज्यादा आक्रामक हो जाता है. अगर गेंदबाज नीचे दी गई लेंथ पर जरा सी भी चूक करते हैं, तो वैभव उनका हश्र बुरा कर देते हैं:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शॉर्ट लेंथ (Short Length):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;वैभव के खिलाफ शॉर्ट पिच या बाउंसर फेंकना तेज गेंदबाजों की सबसे बड़ी भूल साबित हो रही है. इस लेंथ के खिलाफ सूर्यवंशी का स्ट्राइक रेट&amp;nbsp;&lt;strong&gt;358&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का रहा है. उन्होंने आईपीएल 2026 में अब तक शॉर्ट गेंदों पर महज 40 गेंदें खेली हैं और&amp;nbsp;&lt;strong&gt;16 गगनचुंबी छक्के&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;जड़ दिए हैं.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;फुल लेंथ (Full Length):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;जब गेंदबाज गेंद को आगे पिच करते हैं, तो वैभव का आत्मविश्वास देखते ही बनता है. फुल लेंथ पर उन्होंने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;341 की तूफानी स्ट्राइक रेट&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;से रन बटोरे हैं और 34 गेंदों पर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;10 छक्के&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;उड़ाए हैं. वह इन गेंदों को आसानी से लॉन्ग-ऑन या लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से बाउंड्री पार भेज देते हैं.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शॉर्ट ऑफ गुड लेंथ (Short of Good Length):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;इस लेंथ पर भी वैभव को बांधना मुश्किल रहा है और यहां उनका स्ट्राइक रेट&amp;nbsp;&lt;strong&gt;200&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का दर्ज किया गया है.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;इन दो लेंथ पर संघर्ष करते हैं सूर्यवंशी&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;जहां एक तरफ वैभव सूर्यवंशी पेसर्स की गति और उछाल का फायदा उठाते हैं, वहीं कुछ ऐसी लेंथ भी हैं जिन पर वे खुलकर शॉट नहीं लगा पाते और काफी संभलकर खेलते हैं:&lt;/p&gt;

&lt;ol start="1"&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;फुल टॉस (Full Toss):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;आमतौर पर टी20 क्रिकेट में बल्लेबाज फुल टॉस गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजने के लिए बेताब रहते हैं. लेकिन वैभव सूर्यवंशी के मामले में आंकड़े इसके बिल्कुल उलट हैं. वह फुल टॉस गेंदों पर संघर्ष करते हैं और उनका स्ट्राइक रेट महज&amp;nbsp;&lt;strong&gt;38&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का रह जाता है. इस सीजन में उन्होंने अब तक किसी भी फुल टॉस गेंद पर छक्का नहीं लगाया है.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यॉर्कर (Yorker):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पैर के अंगूठे को निशाना बनाकर फेंकी गई सटीक यॉर्कर गेंद तेज गेंदबाजों के लिए वैभव के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार साबित हुई है. यॉर्कर लेंथ के खिलाफ भी सूर्यवंशी इस सीजन में अब तक एक भी छक्का नहीं जड़ पाए हैं. ऐसे में आगामी नॉकआउट मैचों में विपक्षी टीमें इन दोनों लेंथ का इस्तेमाल उनके खिलाफ कर सकती हैं.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;आईपीएल 2026 में दमदार आंकड़ों का रिकॉर्ड&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में लगातार निरंतरता के साथ रन बना रहे हैं और उनके आंकड़े किसी भी सीनियर बल्लेबाज को टक्कर देने के लिए काफी हैं:&lt;/p&gt;

&lt;table&gt;
	&lt;thead&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;आंकड़े&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;प्रदर्शन विवरण&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
	&lt;/thead&gt;
	&lt;tbody&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;कुल मैच / रन&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;14 मैच / 583 रन&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;बल्लेबाजी औसत&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;41.64&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;स्ट्राइक रेट&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;232.27&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;चौके / छक्के&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;50 चौके / 53 छक्के&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
		&lt;tr&gt;
			&lt;td&gt;&lt;strong&gt;शतक / अर्धशतक&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;
			&lt;td&gt;1 शतक (36 गेंदों पर) / 3 अर्धशतक&lt;/td&gt;
		&lt;/tr&gt;
	&lt;/tbody&gt;
&lt;/table&gt;

&lt;p&gt;इस बंपर प्रदर्शन के दम पर वैभव ऑरेंज कैप (Orange Cap) की रेस में भी मजबूती से बने हुए हैं. फिलहाल वह इस लिस्ट में छठे नंबर पर काबिज हैं. एलिमिनेटर और आगामी मुकाबलों में उनके पास शानदार पारी खेलकर इस लिस्ट में नंबर-1 के पायदान पर पहुंचने का सुनहरा मौका होगा.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//ipl-2026-vaibhav-ke-khilaaf-konsi-galti-karte-hein-gendbaaz/62835</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>वैभव सूर्यवंशी के बाएं पैर में छिपा है उनकी कामयाबी का राज, सामने आया सच</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251268_184858553809371.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के नाम का डंका इस वक्त पूरी दुनिया में बज रहा है. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इस सीजन में अपने बल्ले से तबाही मचाते हुए 65 छक्कों के दम पर 680 रन ठोक दिए हैं. हर कोई हैरान है कि सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इतनी तूफानी बैटिंग और बड़े-बड़े छक्के कैसे लगा रहे हैं. आखिरकार इस राज पर से पर्दा उठ गया है और इसका खुलासा खुद राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट ऑपरेशंस के डायरेक्टर&amp;nbsp;&lt;strong&gt;जुबीन भरूचा&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ने किया है. भरूचा ने बताया कि पिछले एक साल में राजस्थान के ट्रेनिंग सेंटर में वैभव की तकनीक, बैकलिफ्ट और ट्रिगर मूवमेंट पर कितनी बारीकी से काम किया गया है.&lt;/h2&gt;

&lt;h3&gt;पैर का मूवमेंट और क्रीज का इस्तेमाल&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्हें बल्लेबाजी के दौरान फुटवर्क (पैर चलाने) में बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है. वे ज्यादातर शॉट्स क्रीज पर खड़े-खड़े ही खेल जाते हैं:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बैकफुट का कमाल:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;जुबीन भरूचा के मुताबिक, वैभव के बड़े शॉट्स का असली श्रेय उनके बैकफुट पर वजन (भार) डालने की क्षमता को जाता है. जैसे ही गेंदबाज गेंद रिलीज करने आगे बढ़ता है, वैभव का शरीर, हाथ और आंखें एक बेहतरीन तालमेल (Hand-Eye Coordination) बनाकर उन्हें सही शॉट चुनने में मदद करते हैं.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्रीज की गहराई:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;वैभव के बैकफुट में एक हल्का सा ट्रिगर मूवमेंट होता है, जिससे वे क्रीज की गहराई का पूरा इस्तेमाल करते हैं. यह तकनीक उन्हें तेज गेंदबाजों की गति और बाउंस से निपटने के लिए अतिरिक्त समय देती है. उनकी तेज बैट स्पीड और ऊंची बैकलिफ्ट इन शॉट्स को सीधे बाउंड्री के पार पहुंचा देती है.&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h3&gt;ऑन-साइड के खिलाड़ी से '360 डिग्री' बनने का सफर&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;जुबीन भरूचा ने बताया कि आईपीएल 2025 के दौरान वैभव सूर्यवंशी मुख्य रूप से ऑन-साइड (लेग साइड) पर शॉट्स खेलने के आदी थे, जो उनकी ताकत थी. लेकिन विपक्षी कप्तानों ने जल्द ही उनकी इस कमजोरी को भांप लिया था.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;उच्च स्तर पर अपनी जगह बनाए रखने के लिए वैभव ने पिछले एक साल में कड़ी मेहनत की और अपने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;ऑफ-साइड के गेम को अविश्वसनीय रूप से विकसित किया&lt;/strong&gt;. अब वे मैदान के दोनों तरफ समान रूप से रन बटोर रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने बैटिंग रूटीन या नेट प्रैक्टिस के समय में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया, बल्कि लगातार अभ्यास से अपने आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा लिया है, जो अब मैदान पर साफ नजर आ रहा है.&lt;/p&gt;

&lt;h3&gt;बैट स्पीड पर किया गया था विशेष काम&lt;/h3&gt;

&lt;p&gt;ट्रायल के दिनों को याद करते हुए जुबीन भरूचा ने एक और दिलचस्प खुलासा किया. उन्होंने बताया कि आईपीएल 2025 की शुरुआत से ठीक पहले जब वैभव राजस्थान रॉयल्स के ट्रायल्स में आए थे, तब उनकी बैट स्पीड (बल्ले की गति) उस ग्रुप में सबसे तेज नहीं थी.&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;इसके बाद राजस्थान के कोचों ने उनकी बैट स्पीड को बढ़ाने पर विशेष काम किया. सही ग्रिप, बेहतर आर्म एक्सटेंशन और टाइमिंग पर काम करने के बाद वैभव की बैट स्पीड में जो सुधार हुआ, उसी का नतीजा है कि आज 140+ किमी/घंटा की रफ्तार से आने वाली गेंदें भी उनके बल्ले से टकराकर सीधे स्टैंड्स में जाकर गिर रही हैं. इसी शानदार तकनीक के दम पर वे इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं.&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//vaibhav-suryavanshi-ke-baae-pair-mein-chhipa-hai-unki-kamyabi-ka-raj/62834</link><pubDate>5/29/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>IPL Playoffs%3A वैभव सूर्यवंशी मारेंगे प्लेऑफ मैच में सबसे ज्यादा छक्के? 12 साल से नहीं टूटा सहवाग का रिकॉर्ड</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251078_756978088166951.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास में प्लेऑफ मुकाबलों का रोमांच हमेशा चरम पर होता है। जब बात नॉकआउट मैचों में सबसे अधिक आक्रामक बल्लेबाजी की आती है, तो पूर्व दिग्गज भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का नाम सबसे ऊपर आता है। सहवाग का एक आईपीएल प्लेऑफ मैच में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड पिछले 12 वर्षों से अटूट बना हुआ है, जिसे तोड़ने के लिए आज के युवा खिलाड़ी पूरी ताकत लगा रहे हैं।&lt;/h2&gt;

&lt;h2&gt;साल 2014 में वीरेंद्र सहवाग का ऐतिहासिक धमाका&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;क्रिकेट इतिहास के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में शुमार वीरेंद्र सहवाग ने साल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;2014 के आईपीएल क्वालिफायर-2&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;मुकाबले में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया था जिसे आज तक कोई छू नहीं सका है। किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) की ओर से खेलते हुए सहवाग ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दी थीं।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पारी का विवरण:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सहवाग ने मात्र 58 गेंदों का सामना करते हुए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;122 रनों&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;की शतकीय पारी खेली थी।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बाउंड्री और स्ट्राइक रेट:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;इस आतिशी पारी में उनके बल्ले से 12 चौके और&amp;nbsp;&lt;strong&gt;8 गगनचुंबी छक्के&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;निकले थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 210 से भी अधिक का रहा था।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मैच का नतीजा:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सहवाग के इस शतक की बदौलत पंजाब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 226 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में चेन्नई की टीम सुरेश रैना की तूफानी पारी के बावजूद 202 रनों पर सिमट गई थी। इस प्लेऑफ मैच में लगाए गए सहवाग के 8 छक्कों का रिकॉर्ड आज भी एक मिसाल है।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h2&gt;युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी बने सबसे बड़े दावेदार&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;आईपीएल के इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सबसे बड़े ब्रेकआउट स्टार बनकर उभरे हैं। अपनी बेखौफ और विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के कारण उन्हें वीरेंद्र सहवाग के इस 8 छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ने का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।&lt;/p&gt;

&lt;p&gt;वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में अविश्वसनीय फॉर्म में हैं:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सीजन का प्रदर्शन:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;उन्होंने लीग स्टेज के 14 मैचों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अब तक कुल&amp;nbsp;&lt;strong&gt;53 छक्के&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;जड़े हैं।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ऐतिहासिक रिकॉर्ड:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;वह किसी भी एक आईपीएल सीजन में 50 से अधिक छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाज आंद्रे रसेल (2019 में 52 छक्के) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अगला बड़ा लक्ष्य:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का सर्वकालिक रिकॉर्ड 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल (59 छक्के, साल 2012) के नाम है। वैभव इस ऐतिहासिक आंकड़े को छूने से मात्र 7 छक्के दूर हैं।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;h2&gt;एलिमिनेटर मुकाबले में महाटक्कर&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;राजस्थान रॉयल्स का सामना एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से होने जा रहा है। यह नॉकआउट मैच मुल्लानपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। इस करो या मरो (Do-or-Die) वाले मैच में फैंस की नजरें वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल की सलामी जोड़ी पर टिकी होंगी, जो पावरप्ले में हैदराबाद के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। यदि वैभव का बल्ला इस मैच में चला, तो 12 साल पुराना सहवाग का 8 छक्कों का रिकॉर्ड खतरे में पड़ सकता है।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//ipl-playoffs-vaibhav-suryvanshi-marenge-planoff-match-se-sabse-jyada-chhake/62819</link><pubDate>5/27/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>RCB vs GT Qualifier 1%3A IPL 2026 के फाइनल में पहुंची रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू, 3 गेंद में 2 गलतियों की वजह से हारा गुजरात</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251080_756123561959991.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;इम्पैक्ट प्लेयर और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए सीधे फाइनल में प्रवेश कर लिया है। धर्मशाला के खूबसूरत हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस (GT) को 92 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही आरसीबी की टीम आईपीएल इतिहास में पांचवीं बार और लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है, जहां उसके पास अपना खिताब बचाने (Defend) का सुनहरा मौका होगा। पिछले सीजन (2025) में आरसीबी ने पंजाब को हराकर अपना पहला आईपीएल टाइटल जीता था।&lt;/h2&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h2&gt;बल्लेबाजों का तूफान और रजत पाटीदार का धमाका&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;बेंगलुरु की इस एतिहासिक जीत की नींव उसके बल्लेबाजों ने रखी, जिन्होंने निर्धारित 20 ओवरों में&amp;nbsp;&lt;strong&gt;254 रनों&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;विराट कोहली की शुरुआत:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;सलामी बल्लेबाज विराट कोहली ने 25 गेंदों में 43 रनों की तेज पारी खेलकर टीम को ठोस शुरुआत दी।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रजत पाटीदार का रुद्र रूप:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने आए कप्तान रजत पाटीदार ने अपनी आतिशी पारी से मैच को पूरी तरह एकतरफा कर दिया। पाटीदार ने महज 33 गेंदों का सामना करते हुए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;नाबाद 93 रन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ठोक दिए। अपनी इस विस्फोटक पारी में उन्होंने 5 चौके और&amp;nbsp;&lt;strong&gt;9 गगनचुंबी छक्के&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;जड़े। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 281.82 का रहा।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्रुणाल पंड्या का साथ:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या ने भी मध्यक्रम में सूझबूझ का परिचय देते हुए 43 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h2&gt;ताश के पत्तों की तरह बिखरी गुजरात की बैटिंग&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;255 रनों के एवरेस्ट जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत बेहद खराब रही और पूरी टीम 162 रनों पर ही सिमट गई।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;स्टार बल्लेबाज साई सुदर्शन 14 रन के निजी स्कोर पर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से हिट विकेट हो गए, जबकि कप्तान शुभमन गिल को महज 2 रन पर बोल्ड कर बेंगलुरु ने बड़ा झटका दिया।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;विकेटकीपर जॉस बटलर ने 11 गेंदों में 29 रन बनाकर काउंटर-अटैक करने की कोशिश की, लेकिन वे बड़ी पारी में नाकाम रहे। मध्यक्रम में निशांत सिंधु (5), वॉशिंगटन सुंदर (8) और जेसन होल्डर (0) पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;अंत में राहुल तेवतिया ने जुझारू अर्धशतक लगाकर हार के अंतर को कम करने का प्रयास किया। बेंगलुरु की ओर से तेज गेंदबाज&amp;nbsp;&lt;strong&gt;जैकब डफी ने सबसे ज्यादा 3 विकेट&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;चटकाए, जबकि रसिख सलाम डार और भुवनेश्वर कुमार को 2-2 सफलताएं मिलीं।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h2&gt;गुजरात की हार का टर्निंग पॉइंट: खराब फील्डिंग&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;गुजरात टाइटंस की इस शर्मनाक हार की सबसे बड़ी वजह उनकी बेहद लचर फील्डिंग और कैच टपकाना रही। टीम ने न सिर्फ मैदान पर कई मिसफील्ड किए, बल्कि बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार को एक ही ओवर में दो बार जीवनदान दे दिया:&lt;/p&gt;

&lt;ol start="1"&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पहला जीवनदान:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;14वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा की पहली गेंद पर जब पाटीदार सिर्फ 18 रन पर खेल रहे थे, तब उनका कैच छूटा।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दूसरा जीवनदान:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;इसी ओवर की तीसरी गेंद पर कागिसो रबाडा ने पाटीदार का एक बेहद आसान कैच टपका दिया।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;

&lt;p&gt;इन जीवनदानों का फायदा उठाते हुए पाटीदार ने गुजरात के गेंदबाजों की रिमांड ली और मैच को पूरी तरह से छीन लिया। हालांकि, गुजरात टाइटंस के पास फाइनल में पहुंचने का अब भी एक और मौका शेष है, जहां वे क्वालिफायर-2 में एलिमिनेटर मैच की विजेता टीम से भिड़ेंगे।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//rcb-vs-gt-qualifier-1-ipl-2026/62818</link><pubDate>5/27/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>Rajat Patidar%3A 14 चौके-छक्के… रजत पाटीदार की रिकॉर्डतोड़ पारी, 33 गेंदों में किए कई बड़े कारनामे</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251082_537951843215181.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार ने गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ एक ऐसी ऐतिहासिक और विस्फोटक पारी खेली, जिसे क्रिकेट जगत लंबे समय तक याद रखेगा। धर्मशाला के मैदान पर पाटीदार ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से न सिर्फ गुजरात के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त किया, बल्कि आईपीएल के इतिहास में कप्तानों के एक बेहद खास और बड़े रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। उनकी इस नाबाद 93 रनों की पारी की बदौलत बेंगलुरु ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 254 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।&lt;/h2&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h2&gt;डेविड वॉर्नर के 10 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;रजत पाटीदार अब आईपीएल प्लेऑफ के इतिहास में एक कप्तान के रूप में संयुक्त रूप से सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज और पूर्व सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर के एक दशक पुराने रिकॉर्ड की बराबरी की है:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डेविड वॉर्नर (2016):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;वॉर्नर ने साल 2016 के क्वालीफायर-2 मैच में गुजरात लॉयंस के खिलाफ नाबाद 93 रनों की कप्तानी पारी खेली थी और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया था।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रजत पाटीदार (2026):&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पाटीदार ने ठीक 10 साल बाद हूबहू उसी आंकड़े (नाबाद 93 रन) को छूकर इतिहास दोहराया। दिलचस्प बात यह है कि वॉर्नर की तरह पाटीदार की यह पारी भी 'गुजरात' नाम की ही टीम (गुजरात टाइटंस) के खिलाफ आई।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;p&gt;आईपीएल इतिहास में इन दोनों कप्तानों के अलावा कोई भी अन्य खिलाड़ी प्लेऑफ (क्वालीफायर या फाइनल) के नॉकआउट मैच में बतौर कप्तान 90 रनों का आंकड़ा पार नहीं कर सका है।&lt;/p&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h2&gt;पाटीदार की पारी के मुख्य आंकड़े&lt;/h2&gt;

&lt;p&gt;रजत पाटीदार ने इस मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और गुजरात के गेंदबाजों को सेट होने का कोई मौका नहीं दिया:&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गेंदें और रन:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;उन्होंने मात्र&amp;nbsp;&lt;strong&gt;33 गेंदों&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;का सामना करते हुए&amp;nbsp;&lt;strong&gt;नाबाद 93 रन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;बनाए।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चौके और छक्के:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;उनकी इस पारी में 5 आकर्षक चौके और&amp;nbsp;&lt;strong&gt;9 गगनचुंबी छक्के&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;शामिल रहे।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;
	&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्ट्राइक रेट:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;पाटीदार ने&amp;nbsp;&lt;strong&gt;281.82&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से रन बटोरे, जिसने टी20 क्रिकेट में कप्तानी पारियों के स्तर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है।&lt;/p&gt;
	&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;p&gt;हालांकि गुजरात के फील्डर्स ने इस पारी के दौरान पाटीदार को एक ही ओवर में दो जीवनदान भी दिए, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने इस रिकॉर्डतोड़ पारी को अंजाम दिया और अपनी टीम को सीधे फाइनल का टिकट दिला दिया।&lt;/p&gt;

&lt;ul&gt;
&lt;/ul&gt;
</description><link>https://firozabadvocals.com//rajat-patidar-14-choke-chhake-rajat-padihar-ki-record-tod-paari/62817</link><pubDate>5/27/2026 12:00:00 AM</pubDate></item><item><title>India vs Afghanistan%3A अफगानिस्तान ने भारत को हराने के लिए चुनी धुआंधार टीम, किया 2 टीमों का ऐलान</title><Image>https://firozabadvocals.com//https://manage.localnewscommunity.com/upload/articles/_upload_additional_251084_860870916797581.jpg</Image><description>&lt;h2&gt;आईपीएल 2026 के समापन के तुरंत बाद भारतीय क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त होने जा रही है। भारत को अपनी घरेलू सरजमीं पर अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज की मेजबानी करनी है। इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने आधिकारिक तौर पर अपने मजबूत स्क्वाड का ऐलान कर दिया है।&lt;br /&gt;
इस पूरे दौरे पर अफगानिस्तान की कप्तानी अनुभवी बल्लेबाज हशमतुल्लाह शाहिदी संभालेंगे, जो टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में टीम की कमान संभालते नजर आएंगे।&lt;/h2&gt;

&lt;h2&gt;टेस्ट टीम में बड़े बदलाव और नए चेहरे&lt;/h2&gt;
भारत के खिलाफ होने वाले एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच के लिए अफगानिस्तान ने अपनी रणनीति में कुछ बड़े बदलाव किए हैं:

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;दिग्गजों&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;को&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;आराम&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;टीम के मुख्य लेग स्पिनर राशिद खान और स्टार बल्लेबाज इब्राहिम जादरान को कार्यभार प्रबंधन (workload management) के तहत टेस्ट मैच से आराम दिया गया है। हालांकि, वनडे सीरीज में उनकी वापसी तय मानी जा रही है।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;तीन&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;नए&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;खिलाड़ियों&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;का&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;डेब्यू&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;अफगानिस्तान ने अपनी टेस्ट टीम में युवा प्रतिभाओं पर भरोसा जताया है। रहमनुल्लाह जादरान, बिलाल समी और नेंगेयालिया खारोटे को पहली बार देश की पारंपरिक टेस्ट टीम में शामिल होने का मौका मिला है।&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;hr /&gt;
&lt;h2&gt;दौरे का शेड्यूल और कार्यक्रम&lt;/h2&gt;
भारत और अफगानिस्तान के बीच इस द्विपक्षीय सीरीज की शुरुआत टेस्ट मैच से होगी:

&lt;ul&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;एकमात्र&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;टेस्ट&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;मैच&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;यह मुकाबला&amp;nbsp;&lt;strong&gt;6&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;जून&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;से&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;न्यू&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;चंडीगढ़&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;के नवनिर्मित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।&lt;/li&gt;
	&lt;li&gt;&lt;strong&gt;वनडे&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;&lt;strong&gt;सीरीज&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;:&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;टेस्ट मैच के समापन के बाद, तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज&amp;nbsp;&lt;strong&gt;13&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;जून&lt;/strong&gt;&amp;nbsp;से होगा, जिसके स्थान और मैचों की रूपरेखा जल्द ही आधिकारिक तौर पर साझा की जाएगी।&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;

&lt;h2&gt;अफगानिस्तान की आधिकारिक टेस्ट टीम (Squad)&lt;/h2&gt;
हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमनुल्लाह जादरान, नेंगेयालिया खारोटे, अब्दुल मलिक, अफसर जजाई, कैस अहमद, सेदिकुल्ला अटल, इकराम अलिखिल, बिलाल समी, रहमत शाह, अजमतुल्लाह ओमरजई, जियाउर रहमान, रहमनुल्लाह गुरबाज, शराफुद्दीन अशरफ और मोहम्मद सलीम।&lt;br /&gt;
भारतीय पिचों पर स्पिनरों के मददगार होने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए कैस अहमद और जियाउर रहमान जैसे गेंदबाजों पर टीम की बड़ी जिम्मेदारी होगी।</description><link>https://firozabadvocals.com//india-vs-afghanistan-afghanistan-ne-bharat-ko-harane-ke-liye-chuni-dhuadhar-team/62816</link><pubDate>5/27/2026 12:00:00 AM</pubDate></item></channel></rss>