अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में कई देशों पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उन्होंने भारत से आयातित वस्तुओं पर 26 प्रतिशत की रियायती कर दर लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, कंबोडिया पर 49 प्रतिशत और चीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की गई है। ट्रम्प ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से अमेरिका को अन्य देशों द्वारा लूटा गया है, लेकिन अब वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ
राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत को 'टैरिफ किंग' कहते हुए कहा कि अमेरिका पर भारत द्वारा 52 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है। इसमें मुद्रा हेरफेर और व्यापार बाधाएं भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका अब भारत से आयातित वस्तुओं पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने जा रहा है। यह निर्णय अमेरिकी अर्थव्यवस्था और व्यापार असंतुलन को संतुलित करने के लिए लिया गया है।
ट्रम्प ने कहा, "भारत बहुत कठिन देश है, व्यापार में बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे अच्छे मित्र हैं, लेकिन भारत हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहा है। भारत हमसे 52 प्रतिशत शुल्क ले रहा है, जबकि दशकों तक अमेरिका ने भारत से लगभग शून्य शुल्क लिया।"
पीएम मोदी और ट्रम्प की व्यापार वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी में अमेरिका के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति ट्रम्प से मुलाकात की थी। यह मुलाकात ट्रम्प के राष्ट्रपति पद की दूसरी पारी शुरू होने के एक महीने के भीतर हुई थी। वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में ट्रम्प ने मोदी से कहा था कि भारत व्यापार के मामले में बहुत सख्त है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार इसी तरह काम करता है और वह इसके लिए मोदी को दोष नहीं देते।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, "भारत में व्यापार बाधाएं हैं, इसलिए अमेरिकी कंपनियों के लिए वहां व्यापार करना मुश्किल है।"
अमेरिका को व्यापार घाटा
ट्रम्प ने कहा कि भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) है। अमेरिका इस असमानता को दूर करने के लिए भारत के साथ चर्चा करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका उन देशों से आयात पर उतना ही शुल्क लगाएगा जितना वे अमेरिकी वस्तुओं के निर्यात पर लगाते हैं।
वैश्विक व्यापार पर असर
ट्रम्प के इस निर्णय का असर न केवल अमेरिका और भारत पर बल्कि वैश्विक व्यापार पर भी पड़ेगा। चीन पहले से ही अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध में उलझा हुआ है और अब भारत पर टैरिफ लगने से व्यापारिक संबंध और जटिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टैरिफ नीति भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों में तनाव पैदा कर सकती है।
निष्कर्ष
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है। भारत, चीन और अन्य देशों पर टैरिफ बढ़ाने से अमेरिका का व्यापार घाटा कम करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता भी ला सकता है। अब देखना यह होगा कि आने वाले महीनों में इन नीतियों का क्या असर होता है।